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Hamirpur News: जिले में अब तक पांच नाव हादसे, 14 गंवा चुके जान

Sat, 09 May 2026 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 11:35 PM IST
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Five boat accidents have occurred in the district so far, 14 have lost their lives.
भरुआ सुमेरपुर/कुरारा। बुधवार को कुरारा ब्लॉक के कोतूपुर पटिया में नाव पलटने की घटना ने पुराने जख्म हरा कर दिया। इस घटना के साथ ही जिले में अब तक पांच नाव हादसे हो चुके हैं जिसमें 14 लोग जान गंवा चुके हैं। पहली घटना 25 वर्ष पहले भरुआ सुमेरपुर में हुई थी।
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भरुआ सुमेरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक नदी पार करने के लिए मुख्यालय के अलावा कोई दूसरा पुल नहीं है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग आज भी नाव के सहारे आवागमन करते हैं। कानपुर और फतेहपुर से जुड़े गांवों तक जल्दी पहुंचने के लिए लोग लंबा चक्कर लगाने की बजाय नाव से नदी पार करते हैं। लापरवाही में यहां नाव हादसे हुए हैं।
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सुरौली गांव निवासी बाबा रामपाल ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले मकर संक्रांति मेले के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। नदी पार से लोग नाव में बैठकर सुरौली आ रहे थे। नाव का संतुलन बिगड़ा तो नाविक संभाल नहीं पाया और नाव पलट गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की डूबकर मौत हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका शव नहीं मिल सका था।
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वहीं दूसरा हादसा 15 अगस्त 2019 को रक्षाबंधन के दिन हुआ था। सुरौली में ब्याही धर्मी निषाद की पत्नी भाइयों को राखी बांधने के लिए नाव से चांदपुर जा रही थी। नाव में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। यमुना नदी में बाढ़ होने से तेज लहरों के बीच नाव पलट गई थी। हादसे में धर्मी की पत्नी और सुरौली निवासी बच्चन बह गए थे।
सुरौली बुजुर्ग के प्रधान प्रतिनिधि रामफूल निषाद ने बताया कि नदी के उस पार बसे गांवों में रिश्तेदारियां हैं। लोग करीब 50 किलोमीटर का चक्कर काटने की बजाय नाव से सीधे नदी पार कर पहुंच जाते हैं। हालांकि कई बार यही जल्दबाजी हादसों का कारण बन जाती है। कुरारा प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार को नाव पलटने की घटना में एक महिला समेत छह बच्चे डूब गए थे। दूसरे दिन सभी के शव रेस्क्यू करके निकाले गए।



21 साल पहले हुई थी पांच लोगों की मौत

बेरी गांव से निकली बेतवा नदी में वर्ष 2004 में जलालापुर की ओर से सवारी लेकर आ रही नाव डूब गई थी। इसमें सवार पांच लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद बेरी पुल बनवाने को लेकर ग्रामीणों ने विधायक, मंत्री से गुहार लगाई थी लेकिन आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इसका मामला सदन में सदर विधायक मनोज कुमार प्रजापति ने बीते दिनों उठाया था।


एक साल पहले डूबे थे आठ लोग
वर्ष 2024 में पटिया गांव में यज्ञ और मेला का आयोजन चल रहा था। इसमें कुटरा मकरंदपुर गांव से आठ लोग नाव पर बैठकर गांव आ रहे थे तभी नाव का संतुलन बिगड़ जाने से सभी लोग यमुना नदी में डूब गए थे। हालांकि पटिया गांव के ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
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