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Hamirpur News: पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष समेत छह पर सरकारी काम में बाधा डालने की प्राथमिकी
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फोटो11एचएएमपी 25- एसपी दफ्तर के बाहर सपा नेताओं के साथ पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष। संवाद
हमीरपुर/कुरारा। वार्ड नौ की नई बस्ती में जलभराव की समस्या को लेकर वर्तमान व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच हुए गुत्थमगुत्था मामले में पुलिस ने पूर्व अध्यक्ष समेत दो नामजद व चार अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है। नगर में चर्चा है कि सत्ता की हनक में कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है। वीडियो देखा जाएगा और जांच में अगर वादी दोषी है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा नेत्री व नगर पंचायत अध्यक्ष आशा रानी कबीर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि वह बृहस्पतिवार को अवर अभियंता और नगर पंचायत कर्मियों के साथ वार्ड नौ में जलभराव की समस्या देखने पहुंची थीं। नगर पंचायत की ओर से जल निकासी के लिए खोदी गई नाली को माया वाल्मीकि ने अवरुद्ध कर रखा था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते माया अपने भांजे रंजीत पुत्र शिवदास और तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं और अध्यक्ष के साथ मारपीट की। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता का भी आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व उनके भांजे रंजीत समेत छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष प्रिंस दीक्षित का कहना है कि विवेचना की जा रही है।
दूसरे पक्ष की आवाज पर खामोशी
विवाद के बाद दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को तहरीर देकर अपनी बात रखी लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को समान नजर से क्यों नहीं देखा। एक पक्ष की तहरीर पर तत्काल मुकदमा और दूसरे पक्ष की तहरीर पर चुप्पी ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब महज मारपीट का नहीं बल्कि पुलिस की कार्रवाई के तरीके और सत्ता के प्रभाव को लेकर भी चर्चा में है।
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पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के पक्ष में उतरे सपा नेता
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष माया वाल्मीकि के पक्ष में सपा नेता उतर पड़े हैं। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष इदरीश खान व अन्य सपा नेताओं के साथ माया वाल्मीकि एसपी दफ्तर पहुंची। यहां पर एक शिकायती पत्र दिया गया। आरोप है कि 10 सितंबर को अध्यक्ष आशारानी कबीर, जेई अजय कुमार कटियार व आउटसोर्सिंग कर्मचारी अनिरुद्ध पांडेय के साथ जेसीबी मशीन लेकर नाली की पट्टी गिराने पहुंची। जब इसका विरोध किया तो अध्यक्ष ने हाथ पकड़कर घसीटा, धक्का देकर गिरा दिया और पीटने लगी। इसी बीच जेई व आउटसोर्सिंगकर्मी ने उन्हें जाति सूचक शब्द कहे। अध्यक्ष के पति व बेटे ने घर में घुसकर पीटा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज हो रही है। युगांक मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की है। पूर्व अध्यक्ष ने एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को भी दिया है। इसमें गलत तरीके से नाली की पट्टी तोड़कर मकान को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप है।
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भाजपा नेत्री व नगर पंचायत अध्यक्ष आशा रानी कबीर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि वह बृहस्पतिवार को अवर अभियंता और नगर पंचायत कर्मियों के साथ वार्ड नौ में जलभराव की समस्या देखने पहुंची थीं। नगर पंचायत की ओर से जल निकासी के लिए खोदी गई नाली को माया वाल्मीकि ने अवरुद्ध कर रखा था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते माया अपने भांजे रंजीत पुत्र शिवदास और तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं और अध्यक्ष के साथ मारपीट की। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता का भी आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व उनके भांजे रंजीत समेत छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष प्रिंस दीक्षित का कहना है कि विवेचना की जा रही है।
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दूसरे पक्ष की आवाज पर खामोशी
विवाद के बाद दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को तहरीर देकर अपनी बात रखी लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को समान नजर से क्यों नहीं देखा। एक पक्ष की तहरीर पर तत्काल मुकदमा और दूसरे पक्ष की तहरीर पर चुप्पी ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब महज मारपीट का नहीं बल्कि पुलिस की कार्रवाई के तरीके और सत्ता के प्रभाव को लेकर भी चर्चा में है।
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पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के पक्ष में उतरे सपा नेता
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष माया वाल्मीकि के पक्ष में सपा नेता उतर पड़े हैं। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष इदरीश खान व अन्य सपा नेताओं के साथ माया वाल्मीकि एसपी दफ्तर पहुंची। यहां पर एक शिकायती पत्र दिया गया। आरोप है कि 10 सितंबर को अध्यक्ष आशारानी कबीर, जेई अजय कुमार कटियार व आउटसोर्सिंग कर्मचारी अनिरुद्ध पांडेय के साथ जेसीबी मशीन लेकर नाली की पट्टी गिराने पहुंची। जब इसका विरोध किया तो अध्यक्ष ने हाथ पकड़कर घसीटा, धक्का देकर गिरा दिया और पीटने लगी। इसी बीच जेई व आउटसोर्सिंगकर्मी ने उन्हें जाति सूचक शब्द कहे। अध्यक्ष के पति व बेटे ने घर में घुसकर पीटा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज हो रही है। युगांक मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की है। पूर्व अध्यक्ष ने एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को भी दिया है। इसमें गलत तरीके से नाली की पट्टी तोड़कर मकान को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप है।