फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Farmers are losing, centers silence

किसानों को हो रहा घाटा, केंद्रों पर सन्नाटा

Thu, 07 Apr 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला हमीरपुर Updated Thu, 07 Apr 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
Farmers are losing, centers silence
गेहूं की तौल कराता किसान - फोटो : अमर उजाला

सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में पिछले एक सप्ताह से सन्नाटा है। अब तक किसी भी केंद्र प्रभारी ने कि सानों का एक भी दाना गेहूं नहीं खरीदा है। केंद्रों में गेहूं की खरीद न किए जाने से किसान खुले बाजार में अपना गेहूं कम दामों पर बेंचने को मजबूर है।

विज्ञापन


फसल की कटाई के बाद किसानों ने अपना गेहूं बेंचने के लिए सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। वैसे ही अन्नदाता सूखे की मार झेल रहा है। ऊपर से अधिकारी किसानों का शोषण करने पर तुले हैं। एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है। मंडी में बनाए गए एफसीआई, आरएफसी, पीसीएफ, नैफेड और क स्बे में क्रय विक्रय व राठ क्षेत्रीय समिति ने अब तक एक भी दाना नहीं खरीदा।
विज्ञापन


बताया जाता है कि खाद्य नियंत्रक ने अभी तक केंद्र प्रभारियों को कोड नंबर ही नहीं दिए है और न ही उनके पास बारदाना है। जिसके कारण केंद्र प्रभारी शांत है। सरकारी गेहूं केंद्रों पर किसानों के गेहूं की खरीद न होने पर मंडी के व्यापारी मनमाने दामों पर किसानों का गेहूं खरीद रहे हैं। मंडी में किसान अपना गेहूं 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल बेंचने को मजबूर हैं। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों में 1525 रुपये प्रति कुंतल का रेट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्रय विक्रय गेहूं क्रय केंद्र के संचालन मनमोहन यादव ने बताया कि उन्हें अभी तक न तो कोड मिला है और न ही उनके खाते में रुपया आया है। वहीं पीसीएम के जिला प्रबंधक रामजी कुशवाहा का कहना है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक नहीं है। किसान केंद्रों पर गेहूं बेंचने नहीं ला रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed