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Hamirpur News: कानपुर के इंजीनियर फेल अब लखनऊ से बुलाए
Wed, 19 Mar 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:19 AM IST
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हमीरपुर। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में लगी मशीनों का सर्वर मंगलवार को भी ठीक नहीं हो सका। कानपुर के इंजीनियर फेल होने पर अब लखनऊ से बुलाए गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांचें नहीं हो सकीं। जांच कराने के लिए उन्हें निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ा, इससे पूर्व सोमवार व शनिवार को भी मशीन खराब हो चुकी है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच मशीन का खराब होना आम बात हो गई है। पिछले आठ दिन में देखा जाए तो 10 मार्च, 15 मार्च व 17 मार्च को तीसरी बार जांच मशीन खराब हुई हैं। कानपुर से इंजीनियर को आने में भी छह घंटे से अधिक समय लगता है। मंगलवार को कानपुर से आए इंजीनियर साफ्टवेयर ठीक करने में जुटे रहे, लेकिन वह मशीन ठीक करने में फेल हो गए। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब लखनऊ से इंजीनियर को बुलाया गया है। इससे निजी लैबों में मरीज जांच कराने को मजबूर रहे।
मंगलवार को कुल 712 मरीज ओपीडी में पहुंचे। ज्यादातर मरीज जुकाम, बुखार और खानपान से प्रभावित इलाज करवाने के लिए आए। जांच मशीन ठप होने से मरीजों की सीबीसी, लिवर, किडनी समेत विभिन्न जांचे नहीं हो सकीं। इससे मरीज परेशान रहे।
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निजी पैथोलॉजी से 400 रुपये में कराई जांच
- सुमेरपुर क्षेत्र के नदेहरा निवासी रज्जन देवी (60) अपने बेटे जगभान के साथ जिला अस्पताल इलाज के लिए आई थी। डॉक्टर ने जांच लिखी, लेकिन अस्पताल में मशीन खराब होने से जांच नहीं हो सकी। निजी पैथोलॉजी से 400 रुपये में जांच कराई है।
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बाहर से 800 रुपये देकर कराई जांच
-जनपद जालौन के सजेहरा गांव निवासी ब्रजलाल (45) ने बताया कि उसे खांसी व दम फूल रही है। बीते शनिवार को जिला अस्पताल आया था, लेकिन जांच मशीन खराब होने से जांच नहीं हो सकी थी। मंगलवार को बाहर से 800 रुपये देकर जांच कराई है।
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कानपुर वाले फेल हो गए हैं। अब लखनऊ से इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन सर्वर ठीक न होने से समस्या हो रही है। जिसे सही कराने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला पुरुष अस्पताल।
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच मशीन का खराब होना आम बात हो गई है। पिछले आठ दिन में देखा जाए तो 10 मार्च, 15 मार्च व 17 मार्च को तीसरी बार जांच मशीन खराब हुई हैं। कानपुर से इंजीनियर को आने में भी छह घंटे से अधिक समय लगता है। मंगलवार को कानपुर से आए इंजीनियर साफ्टवेयर ठीक करने में जुटे रहे, लेकिन वह मशीन ठीक करने में फेल हो गए। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब लखनऊ से इंजीनियर को बुलाया गया है। इससे निजी लैबों में मरीज जांच कराने को मजबूर रहे।
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मंगलवार को कुल 712 मरीज ओपीडी में पहुंचे। ज्यादातर मरीज जुकाम, बुखार और खानपान से प्रभावित इलाज करवाने के लिए आए। जांच मशीन ठप होने से मरीजों की सीबीसी, लिवर, किडनी समेत विभिन्न जांचे नहीं हो सकीं। इससे मरीज परेशान रहे।
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निजी पैथोलॉजी से 400 रुपये में कराई जांच
- सुमेरपुर क्षेत्र के नदेहरा निवासी रज्जन देवी (60) अपने बेटे जगभान के साथ जिला अस्पताल इलाज के लिए आई थी। डॉक्टर ने जांच लिखी, लेकिन अस्पताल में मशीन खराब होने से जांच नहीं हो सकी। निजी पैथोलॉजी से 400 रुपये में जांच कराई है।
बाहर से 800 रुपये देकर कराई जांच
-जनपद जालौन के सजेहरा गांव निवासी ब्रजलाल (45) ने बताया कि उसे खांसी व दम फूल रही है। बीते शनिवार को जिला अस्पताल आया था, लेकिन जांच मशीन खराब होने से जांच नहीं हो सकी थी। मंगलवार को बाहर से 800 रुपये देकर जांच कराई है।
कानपुर वाले फेल हो गए हैं। अब लखनऊ से इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन सर्वर ठीक न होने से समस्या हो रही है। जिसे सही कराने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस जिला पुरुष अस्पताल।