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गहरौली क्षेत्र के तालाब सूखे
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Wed, 24 May 2017 11:34 PM IST
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गहरौली गांव का सूखा पड़ा तालाब।
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी में मुस्करा विकासखंड के गहरौली के आसपास के आधा दर्जन गांवों में दर्जनों तालाब सूख गए हैं। तालाबों के सूखने से पशुओं के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।
विकासखंड मुस्करा के गहरौली गांव में इमिलिया निकास मरहाई तालाब, बाजार मैदान के पास गठिया तालाब, घलत तालाब, पुखरिया तालाब पूरी तरह से सूख चुके हैं। इसी प्रकार अलरा गांव में गहरौली निकास व मुस्करा निकास के दोनों तालाब भी सूख चुके हैं। इमिलियां गांव में प्राइमरी स्कूल के सामने वाला तालाब भी सूखने की कगार पर पहुंच गया है। क्षेत्र में सबसे खराब दशा हुसैना गांव की है। यहां खदना तालाब, हरिजन बस्ती का तालाब, कुमरघड़ा तालाब, शमशान घाट का तालाब, हनुमान मंदिर के पास का तालाब सहित गांव के सभी छह तालाब सूख चुके हैं। गांव निवासी पूर्व प्रधान बीरेंद्र कुमार लाला व रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि तालाबों को भरवाने के लिए ग्राम प्रधान एवं खंड विकास अधिकारी को दर्जनों बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है लेकिन तालाब नहीं भरवाए जा रहे हैं। क्षेत्र के इन तालाबों के सूखने के कारण सबसे अधिक संकट मवेशियों के पीने के पानी के लिए खड़ा हो गया है।
मवेशी पानी की तलाश में मीलों तक भटकते देखे जा रहे है। खंड विकास अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानों को हर दशा में तालाब भरवाने के निर्देश दिए जा चुके है। उन्होंने माना कि हुसैना के तालाब नहीं भरवाए जा सके हैं। बताया कि तालाबों को भराने के लिए यहां कोई साधन भी उपलब्ध नहीं है, जिससे तालाब नहीं भर पा रहे हैं।
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विकासखंड मुस्करा के गहरौली गांव में इमिलिया निकास मरहाई तालाब, बाजार मैदान के पास गठिया तालाब, घलत तालाब, पुखरिया तालाब पूरी तरह से सूख चुके हैं। इसी प्रकार अलरा गांव में गहरौली निकास व मुस्करा निकास के दोनों तालाब भी सूख चुके हैं। इमिलियां गांव में प्राइमरी स्कूल के सामने वाला तालाब भी सूखने की कगार पर पहुंच गया है। क्षेत्र में सबसे खराब दशा हुसैना गांव की है। यहां खदना तालाब, हरिजन बस्ती का तालाब, कुमरघड़ा तालाब, शमशान घाट का तालाब, हनुमान मंदिर के पास का तालाब सहित गांव के सभी छह तालाब सूख चुके हैं। गांव निवासी पूर्व प्रधान बीरेंद्र कुमार लाला व रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि तालाबों को भरवाने के लिए ग्राम प्रधान एवं खंड विकास अधिकारी को दर्जनों बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है लेकिन तालाब नहीं भरवाए जा रहे हैं। क्षेत्र के इन तालाबों के सूखने के कारण सबसे अधिक संकट मवेशियों के पीने के पानी के लिए खड़ा हो गया है।
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मवेशी पानी की तलाश में मीलों तक भटकते देखे जा रहे है। खंड विकास अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानों को हर दशा में तालाब भरवाने के निर्देश दिए जा चुके है। उन्होंने माना कि हुसैना के तालाब नहीं भरवाए जा सके हैं। बताया कि तालाबों को भराने के लिए यहां कोई साधन भी उपलब्ध नहीं है, जिससे तालाब नहीं भर पा रहे हैं।
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