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Hamirpur News: सहकारी समिति का जर्जर भवन, हादसे का खतरा
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फोटो 22 एचएएमपी 24- राठ की क्रय विक्रय समिति की जर्जर छत के नीचे खाद के लिए खड़े किसान। संवाद
राठ (हमीरपुर)। सहकारी क्रय-विक्रय समिति का भवन वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहा है। जर्जर छत, टूटती ईंटें और बरसात में टपकता पानी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। समिति के कर्मचारी व खाद लेने आने वाले किसान दहशत के साए में रहते हैं।
रामलीला मैदान के पास सहकारी क्रय-विक्रय समिति का करीब 75 वर्ष पुराना भवन जर्जर अवस्था में है। यहां से किसानों को खाद वितरित की जाती है। फसली सीजन में खाद के लिए किसानों की खासी भीड़ रहती है। बलराम, शिवपाल, चेतराम, रामदयाल आदि किसानों का कहना है कि खाद लेने के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता है। बैठने के लिए समिति के इसी जर्जर भवन का सहारा लेना मजबूरी है। छत की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें नीचे गिर रही हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और किसान बाल-बाल बचे हैं।
समिति में कार्यरत कर्मचारियों को भी पूरे दिन इसी जर्जर भवन के नीचे बैठकर कार्य करना पड़ता है। इसके बावजूद भवन की मरम्मत तक नहीं कराई गई। समिति के प्रभारी उमाकांत बादल ने बताया कि हर साल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। एक माह पूर्व बांदा से आए अधिकारियों ने मौका मुआयना भी किया था। कहा कि अभी भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली है।
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रामलीला मैदान के पास सहकारी क्रय-विक्रय समिति का करीब 75 वर्ष पुराना भवन जर्जर अवस्था में है। यहां से किसानों को खाद वितरित की जाती है। फसली सीजन में खाद के लिए किसानों की खासी भीड़ रहती है। बलराम, शिवपाल, चेतराम, रामदयाल आदि किसानों का कहना है कि खाद लेने के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता है। बैठने के लिए समिति के इसी जर्जर भवन का सहारा लेना मजबूरी है। छत की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें नीचे गिर रही हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और किसान बाल-बाल बचे हैं।
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समिति में कार्यरत कर्मचारियों को भी पूरे दिन इसी जर्जर भवन के नीचे बैठकर कार्य करना पड़ता है। इसके बावजूद भवन की मरम्मत तक नहीं कराई गई। समिति के प्रभारी उमाकांत बादल ने बताया कि हर साल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। एक माह पूर्व बांदा से आए अधिकारियों ने मौका मुआयना भी किया था। कहा कि अभी भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली है।
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