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Hamirpur News: सीमा विवाद में फंसा मृत्यु प्रमाण पत्र, चकरघिंन्नी बना आवेदक
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हमीरपुर। भाई की मौत के बाद मृत्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अधिकारियों से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आवेदक चकरघिन्नी बना हुआ है। जिम्मेदार अफसर सीमा क्षेत्र की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे है। ईओ नगर पालिका ने तो एसडीएम को इस बावत जवाब भी लिखकर दे दिया।
भरुआ सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के गांव चंद्रपुरवा बुर्जुग निवासी संजीव कुमार साहू ने बताया कि उसके भाई आशीष कुमार की मौत 21 नवंबर 2025 को हुई थी। शव रेलवे ट्रेक के किमी 1349 के पास मिला था। भाई की मौत के बाद उसका मृत्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से मांग की थी। 16 फरवरी को दिए मांग पत्र पर जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी को आदेशित किया गया। जब ब्लॉक पहुंचा तो वहां कह दिया कि यह काम तो नगर पंचायत का है। जब नगर पंचायत पहुंचा तो वहां कह दिया गया कि यह मामला विकास खंड का है।
संजीव ने बताया कि परेशान होकर उसने 18 फरवरी को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अभी तक मृत्य प्रमाण पत्र नहीं बन सका। वहीं दूसरी तरफ छह अप्रैल को नगर पंचायत सुमेरपुर के अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम को भेजे जांच मामले में स्पष्ट कर दिया कि घटना नगर पंचायत क्षेत्र के बाहर की है, लिहाजा यहां से प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो सकता। अब एक बार फिर से गेंद ब्लॉक के पाले में पहुंच गई है।
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भरुआ सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के गांव चंद्रपुरवा बुर्जुग निवासी संजीव कुमार साहू ने बताया कि उसके भाई आशीष कुमार की मौत 21 नवंबर 2025 को हुई थी। शव रेलवे ट्रेक के किमी 1349 के पास मिला था। भाई की मौत के बाद उसका मृत्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से मांग की थी। 16 फरवरी को दिए मांग पत्र पर जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी को आदेशित किया गया। जब ब्लॉक पहुंचा तो वहां कह दिया कि यह काम तो नगर पंचायत का है। जब नगर पंचायत पहुंचा तो वहां कह दिया गया कि यह मामला विकास खंड का है।
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संजीव ने बताया कि परेशान होकर उसने 18 फरवरी को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अभी तक मृत्य प्रमाण पत्र नहीं बन सका। वहीं दूसरी तरफ छह अप्रैल को नगर पंचायत सुमेरपुर के अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम को भेजे जांच मामले में स्पष्ट कर दिया कि घटना नगर पंचायत क्षेत्र के बाहर की है, लिहाजा यहां से प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो सकता। अब एक बार फिर से गेंद ब्लॉक के पाले में पहुंच गई है।
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