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मिट्टी के टीले में दबा शव मजदूर का निकला

Wed, 11 May 2022 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 12:15 AM IST
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Dead body of a missing laborer buried in the mound after being murdered
मुस्करा। करीब छह माह से लापता भट्ठा मजदूर की हत्या कर उसके शव को मिट्टी के टीले में दबा दिया गया था। मंगलवार को पुलिस ने मिट्टी की खोदाई कराकर शव को निकाला और उसकी शिनाख्त कराई। मजदूर की पत्नी ने भट्ठे के ठेकेदार पर ही हत्या का आरोप लगाया है। देर शाम पुलिस ने आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है।
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थानाक्षेत्र के उपरहका गांव निवासी महिला सुमन निषाद का मजदूर पति मूलचंद्र (48) बीते नवंबर माह से लापता था। काफी तलाश के बाद जब मूलचंद्र का कुछ पता नहीं चला तो बेटे हरगोविंद ने 10 नवंबर को ही थाने में गांव निवासी ठेकेदार रामबाबू राजपूत के खिलाफ पिता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार की देर शाम ग्राम शिवनी के मजरा नत्थू पाल डेरा में एक खेत के टीले में किसी शव के दबे होने की सूचना पर पुलिस पहुंची।
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टीले पर जानवरो की खोदी मिट्टी और दुर्गंध से शव की पुष्टि हो गई थी लेकिन अंधेरा होने के कारण खोदाई न कर सिर्फ सिपाही बैठा दिए गए। मंगलवार को नायब तहसीलदार दिवाकर मिश्रा की मौजूदगी में पुलिस ने क्षत-विक्षत शव जो कि लगभग कंकाल में तब्दील हो चुका था, मिट्टी से बाहर निकलवाया। इसके बाद सुमन और हरगोविंद ने शव की शिनाख्त मूलचंद्र के रूप में की। टीले से कुछ दूरी पर ही मूलचंद्र की चप्पलें भी मिलीं हैं।
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बता दें कि ग्राम शिवनी और मूलचंद्र का गांव उपरहका महज 10 किमी. की दूरी पर ही स्थित हैं। पत्नी सुमन का कहना है कि पति ने मजदूरी की पेशगी के लिए रामबाबू से 75 हजार रुपये लिए थे। उन्हीं रुपयों के लिए रामबाबू ने पति की हत्या कर शव दबाया है। मृतक के दो बेटे व दो बेटियां हैं। सीओ अभय नारायण राय ने बताया कि रामबाबू पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही उससे कई बार पूछताछ की जा चुकी है। फिलहाल उसे एक बार फिर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- कुत्ते न खोदते तो दबा ही रहता शव
अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस 184 दिनों से मूलचंद्र का कुछ पता न कर सकी थी। ग्रामीणों की मानें तो यदि कुत्ते टीले पर मिट्टी न खोदते तो शायद दुर्गंध भी न आती और शव दबे होने का पता भी नहीं चल पाता। शव को गलाने के लिए नमक भी डाला गया था।
- काम पर न जाना. जान पर पड़ा भारी
ईंट भट्ठे में काम करने के लिए पेशगी लेने के बाद काम पर न जाना ही मूलचंद्र की जिंदगी पर भारी पड़ गया। यही वजह थी रामबाबू अपने रुपये वापस मांग रहा था। वहीं पुलिस का कहना है कि शव करीब 10 से 15 दिन पुराना लग रहा है।
- चार बार पुलिस को चकमा दे गया ठेकेदार
मूलचंद्र के परिजनों की तरह ग्रामीणों को भी ठेकेदार रामबाबू पर ही हत्या का शक है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ठेकेदार को चार बार थाने बुलाकर पूछताछ कर चुकी है। नवंबर से लेकर अब तक दो-तीन थानेदार व दरोगा भी बदल चुके हैं, लेकिन किसी को रामबाबू पर शक तक न हुआ। आगे देखते क्या होता है।

हत्या की रिपोर्ट दर्ज, होगी डीएनए जांच- एसपी
एसपी केके दीक्षित का कहना है कि रामबाबू के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज था, उसी को हत्या में तरमीम कर दिया गया है। इसके अलावा शव काफी क्षत-विक्षत हो गया है, लिहाजा उसकी डीएनए जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजा जा रहा है।
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