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गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, देवी पंडालों में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन-पूजन के बाद कन्याभोज कराया
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पौथिया गांव में स्थापित देवी पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चें। संवाद
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। शहर में स्थापित देवी प्रतिमाओं का सोमवार को श्रद्धा के साथ विसर्जन किया गया। कुछेछा में शंकरी पीपल के पास बेतवा नदी किनारे बनाए गए गड्ढों में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। विसर्जन से पहले गाजे-बाजे के साथ इन प्रतिमाओं को पूरे शहर में भ्रमण कराया गया। मां के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
भरुआसुमेरपुर संवाद के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कस्बे के गायत्री तपोभूमि प्रांगण में स्थित तालाब में किया गया। नेहा चौराहा से लेकर तपोभूमि चौराहा तक पुलिस की विशेष निगरानी थी। तालाब के पास थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। गहरौली संवाद के अनुसार गांव में चार स्थानों पर सजाई गई देवी प्रतिमाएं को बैंड बाजे के साथ धूमधाम से चेकडैम में विसर्जित किया गया।
महिलाओं ने बड़ी देवी मंदिर में जाकर जवारे खोटकर व्रत का समापन किया। पौथिया संवाद के अनुसार पूजा पंडालों में बच्चों ने भक्ति गीत पर डांस किया। समापन पर बच्चों को कमेटी के सदस्यों ने पुरस्कृत किया। वहीं देवी प्रतिमाओं का बेतवा नदी किनारे विसर्जन किया गया। राठ संवाद के अनुसार नगर के करीब तीन दर्जन स्थानों पर स्थापित देवी प्रतिमाओं के जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल श्रद्धालु रंग गुलाल उड़ाते हुए देवी गीतों पर झूम रहे थे। देर शाम प्रतिमाओं का कस्बा खेड़ा की विरमा, मोहाना की बेतवा आदि नदियों में विसर्जन किया गया है।
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गायत्री अनुष्ठान का समापन
राठ। नवरात्र पर गायत्री शक्ति पीठ में नौ दिन तक ज्ञान यज्ञ, संकीर्तन, भजन आदि का आयोजन हुआ। सोमवार को पंच कुंडीय महायज्ञ के साथ समापन हो गया। यज्ञ का संचालन आदर्श कुमार रामप्रकाश चतुर्वेदी ने किया। वहीं डा. लक्ष्मण लाल त्रिपाठी ने विभिन्न मोहल्लों में आयोजित यज्ञों का संचालन किया। गायत्री शक्ति पीठ में दशहरा मिलन समारोह में मुख्य ट्रस्टी चंद्रशेखर मिश्र ने कहा ज्ञान साधना में प्रखरता लाए बिना साधना अधूरी रहती है। मकरध्वज सिंह, काशी प्रसाद गुप्ता, प्रमोद बजाज, अरविंद श्रीवास्तव, आदर्शमय, भोजराज, सुशील सक्सेना, हरीशंकर गुप्त, रामप्रकाश गुप्ता, विजय द्विवेदी, बाबूराम गुप्त, शिवप्रकाश गुप्त, अभिषेक गुप्ता, डा. रामगोपाल गुप्ता, कमलेश श्रीवास्तव, अलखराम सोनी, रमेशचंद्र, कुसुम गुप्ता, डा. हरीओम नगायच, वीरेंद्र श्रीवास्तव, मनीष मिश्र आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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भरुआसुमेरपुर संवाद के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कस्बे के गायत्री तपोभूमि प्रांगण में स्थित तालाब में किया गया। नेहा चौराहा से लेकर तपोभूमि चौराहा तक पुलिस की विशेष निगरानी थी। तालाब के पास थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। गहरौली संवाद के अनुसार गांव में चार स्थानों पर सजाई गई देवी प्रतिमाएं को बैंड बाजे के साथ धूमधाम से चेकडैम में विसर्जित किया गया।
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महिलाओं ने बड़ी देवी मंदिर में जाकर जवारे खोटकर व्रत का समापन किया। पौथिया संवाद के अनुसार पूजा पंडालों में बच्चों ने भक्ति गीत पर डांस किया। समापन पर बच्चों को कमेटी के सदस्यों ने पुरस्कृत किया। वहीं देवी प्रतिमाओं का बेतवा नदी किनारे विसर्जन किया गया। राठ संवाद के अनुसार नगर के करीब तीन दर्जन स्थानों पर स्थापित देवी प्रतिमाओं के जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल श्रद्धालु रंग गुलाल उड़ाते हुए देवी गीतों पर झूम रहे थे। देर शाम प्रतिमाओं का कस्बा खेड़ा की विरमा, मोहाना की बेतवा आदि नदियों में विसर्जन किया गया है।
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गायत्री अनुष्ठान का समापन
राठ। नवरात्र पर गायत्री शक्ति पीठ में नौ दिन तक ज्ञान यज्ञ, संकीर्तन, भजन आदि का आयोजन हुआ। सोमवार को पंच कुंडीय महायज्ञ के साथ समापन हो गया। यज्ञ का संचालन आदर्श कुमार रामप्रकाश चतुर्वेदी ने किया। वहीं डा. लक्ष्मण लाल त्रिपाठी ने विभिन्न मोहल्लों में आयोजित यज्ञों का संचालन किया। गायत्री शक्ति पीठ में दशहरा मिलन समारोह में मुख्य ट्रस्टी चंद्रशेखर मिश्र ने कहा ज्ञान साधना में प्रखरता लाए बिना साधना अधूरी रहती है। मकरध्वज सिंह, काशी प्रसाद गुप्ता, प्रमोद बजाज, अरविंद श्रीवास्तव, आदर्शमय, भोजराज, सुशील सक्सेना, हरीशंकर गुप्त, रामप्रकाश गुप्ता, विजय द्विवेदी, बाबूराम गुप्त, शिवप्रकाश गुप्त, अभिषेक गुप्ता, डा. रामगोपाल गुप्ता, कमलेश श्रीवास्तव, अलखराम सोनी, रमेशचंद्र, कुसुम गुप्ता, डा. हरीओम नगायच, वीरेंद्र श्रीवास्तव, मनीष मिश्र आदि मौजूद रहे। (संवाद)

कुछेछा स्थित शंकरी पीपल के पास बेतवा नदी किनारे देवी प्रतिमा का विसर्जन करते भक्त। संवाद- फोटो : HAMIRPUR

सुमेरपुर कस्बे में देवी प्रतिमा को विसर्जन करने को ले जाते भक्त। संवाद- फोटो : HAMIRPUR