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तीन और किसानों की हार्ट अटैक से मौत

Thu, 09 Apr 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला हमीरपुर Updated Thu, 09 Apr 2015 12:23 AM IST
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Three farmers died from a heart attack

बर्बाद फसलों को समेटने और थ्रेसरिंग में पैदावार कम निकलने से किसान आहत हैं। इसी के चलते जिले में तीन किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनके परिवारों में कोहराम है।

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फरवरी-मार्च में अतिवृष्टि/ ओलावृष्टि से ज्यादातर किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कई बार हुई बारिश से चना, मसूर, मटर की फसलें जमींदोज हो गई है जबकि गेहूं में इसका असर 60 फीसदी से अधिक है। किसान बची हुई फसलों को समेटने में जुटे हैं लेकिन थ्रेसरिंग के बाद हाथ लग रहे अनाज को देखकर उनका दिल बैठ रहा है। 
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मुख्यालय के रमेड़ी निवासी किसान उदयपाल सिंह (39) पुत्र महिपाल सिंह को हार्टअटैक पड़ा और उनकी मौत हो गई। मृतक किसान के भतीजे सौरभ सिंह ने बताया कि बुधवार को उसके चाचा खेतों में फसल कटाई देखकर वापस आए और घर में गुमसुम बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया।
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आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान परिवार के पास बेतवा नदी उस पार सिडरा गांव में 18 बीघा पैतृक खेतिहर जमीन है। इसके साथ ही मृत किसान ने करीब 100 बीघा जमीन एक साल के ठेके पर ले रखी थी। इसमें उसने संबंधित किसानों को साढ़े तीन लाख रुपये अदा कर दिए थे।

गौरतलब हो कि मृतक किसान के ऊपर दो परिवारों की जिम्मेदारी थी। 15 वर्ष पूर्व उसके बड़े भाई अजय पाल का निधन हो जाने पर उस परिवार की जिम्मेदारी भी वह निभा रहे थे। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी, भाभी, तीन पुत्रियां व तीन भतीजे छोड़ गया है।

मुख्यालय में किसान की मौत की सूचना पर एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा पीड़ित परिजनों से मिले। उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों ने बताया कि उदयपाल पर कोआपरेटिव बैंक का 40 हजार रुपये का कर्ज था। उसने समिति के जरिए फसलों में डालने के लिए खाद ली थी।

इस बीच एसडीएम ने कहा कि मौत के कारणों की जांच कराई जा रही है। कहा कि परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। बिवांर प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के बांधुर बुजुर्ग गांव में किसान रामसिंह (58) पुत्र स्व.सियाराम सिंह बुधवार सुबह लगभग छह बजे अपने खेतों पर गया।

खेत से लौटने पर घर आते ही अचानक उसके सीने में दर्द हुआ और देखते ही देखते हार्ट अटैक से उसकी भी मौत हो गई। मृतक किसान के पुत्र जीत सिंह ने बताया कि उसके पिता ने अपने निजी 12 बीघे खेत में गेहूं की फसल बोई थी जबकि 12 बीघे खेत बलकट में लेकर उसमें मसूर बोई थी। पैदावार मात्र डेढ़ क्विंटल ही निकली।

वहीं निजी खेतों का गेहूं जमींदोज हो चुका है। बताया कि उसके पिता के नाम पर इलाहाबाद बैंक बिवांर से 52 हजार रुपये का केसीसी बना हुआ है। अचानक परिवार के मुखिया की मौत से परिजन पूरी तरह टूट चुके है। इसी प्रकार थानाक्षेत्र के निवादा गांव में मंगलवार की शाम किसान छोटेलाल (55) पुत्र स्व.लल्ली सिंह की सदमे से मौत हो गई।

उसके नाम 10 बीघा खेत है, जिनमें उसने गेहूं व चना बोया था। मृतक के पुत्र नरेंद्र सिंह ने बताया कि बीती शाम वह करीब 7 बजे खेत से लौटे और घर में फसल बर्बादी की चर्चा करते रहे। बताया कि दो वर्ष पूर्व उनके मकान में आग लग चुकी है। सब कुछ जल जाने से माली हालत खराब चल रही है। इधर फसल के धोखा देने वह हमेशा गुमसुम रहते थे।


उसने बताया कि अतिवृष्टि से उनके खेत की फसलें नष्ट होने पर उनके पिता को सदमा लगा है। अचानक सीने में जोरों का दर्द उठा, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सके और घर में ही दम तोड़ दिया। दो दिन पूर्व हुई एक घटना में क्षेत्र के सायर गांव में किसान मलखान (40) पुत्र गयाप्रसाद भी अपनी बर्बाद  फसल को देखकर अचानक हृदय गति रुकने से चल बसा था।

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