{"_id":"45c41d1b3701533c0fa599cdb899fb08","slug":"things-are-not-normal-going-off-in-the-town-market-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामान्य नहीं हो रहे हालात, कस्बे में बंद रहा बाजार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सामान्य नहीं हो रहे हालात, कस्बे में बंद रहा बाजार
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन प्रशासन की कोशिशों के बाद भी कस्बे का जन जीवन
विज्ञापन
सामान्य नहीं हो पा रहा है। शनिवार को भी कस्बे का बाजार बंद रहा। जिससे
छोटे दुकानदार, चाट के ठेला व सब्जी वालों की रोजी रोटी चलना दूभर हो गया
है। लेकिन न्याय की लड़ाई में वह भी पीछे नहीं है। कस्बे के लोगों ने
निश्चय कर लिया है कि अपनी आवाज से सरकार को नींद से जगाकर ही रहेंगे।
स्बे के लोग अपना नाम न छापने के शर्त पर अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहते हैं कि प्रशासन अपनी खामियां छिपाने के लिए जान बूझकर सच्चाई को सरकार के सामने नहीं आने दे रहा है।
900 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा वापस होने के बाद शुक्रवार को कस्बे में कुछ दुकानें खुली। इस पर पाथामाई मंदिर में धरने में बैठी महिलाओं ने माइक से एनाउंस किया कि कस्बे के व्यापारियों व नेताओं ने धोखा दिया है।
अब हम अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी और महिलाओं का साथ देने की बात कही। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सरकार को स्थिति सामान्य दिखने लगे।
लेकिन जब तक सभी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती संघर्ष जारी रहेगा।
स्बे के लोग अपना नाम न छापने के शर्त पर अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहते हैं कि प्रशासन अपनी खामियां छिपाने के लिए जान बूझकर सच्चाई को सरकार के सामने नहीं आने दे रहा है।
900 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा वापस होने के बाद शुक्रवार को कस्बे में कुछ दुकानें खुली। इस पर पाथामाई मंदिर में धरने में बैठी महिलाओं ने माइक से एनाउंस किया कि कस्बे के व्यापारियों व नेताओं ने धोखा दिया है।
अब हम अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी और महिलाओं का साथ देने की बात कही। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सरकार को स्थिति सामान्य दिखने लगे।
लेकिन जब तक सभी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती संघर्ष जारी रहेगा।