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उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की मौत

Mon, 20 Feb 2017 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Mon, 20 Feb 2017 10:32 PM IST
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The death of the prisoner, who is serving a life sentence
मॉर्चरी हाउस में रोती बिलखती मां व परिजन। - फोटो : अमर उजाला
आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे एक कैदी की जिला कारागार में सोमवार की सुबह हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने आनन-फानन उसे जिला अस्पताल भेजा। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी की संदिग्ध मौत को लेकर उसके परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
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लगाया है। मुख्यालय के लक्ष्मीबाई तिराहा निवासी सुरेंद्र निषाद (32) को कोतवाली पुलिस ने 29 अप्रैल 2008 को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उधर, मुकदमे के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर नौ दिसंबर 2011 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सोमवार की
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सुबह करीब छह बजे बंदी की हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन उसे जिला अस्पताल लाया। जहां डा. विकास यादव ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर केपी सिंह ने बताया कि कैदी को करीब तीन साल से श्वांस की बीमारी थी। सुबह हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां जेल के डा. विक्रम सिंह व फार्मासिस्ट शिवशंकर सिंह ने उसका उपचार किया। हालत में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। कैदी के भाई अरविंद ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे दो पुलिस वाले उसके घर आए और उसके भाई के मृत होने की सूचना दी। अरविंद ने बताया कि उसके भाई को कोई गंभीर
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बीमारी नहीं थी, उसे सिर्फ खांसी आती थी। बताया कि 10 दिन पूर्व उसकी मां ने जेल जाकर सुरेंद्र का बलगम लेकर और जिला क्षय रोग अस्पताल में जांच भी करवाई थी। लेकिन, जांच में कोई बीमारी सामने नहीं आई। अरविंद ने भाई की मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
 
जेल में कंप्यूटर चलाता था
मृतक कैदी को कंप्यूटर के बारे में अच्छा ज्ञान था। जेल में निरुद्ध होने के बाद से वह जेल प्रशासन का कंप्यूटर से संबंधित कार्य बखूबी निभाता था। जिसके चलते जेल प्रशासन उसका सहयोग लेता रहता था।

तीन डाक्टरों ने पैनल ने किया पीएम
जिला अस्पताल के तीन चिकित्सक  डा.राज, डा.अनिल कुमार व डा.अमित सिंह की टीम के समक्ष कैदी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान काफी संख्या में रिश्तेदार व बिरादरी के लोग मौजूद रहे।


तहरीर दी
जिला कारागार में कैदी की मौत पर उसके भाई अरविंद ने लक्ष्मी तिराहा निवासी पड़ोसी शिवनाथ विश्वकर्मा व कारागार अधीक्षक व जेलर पर जेल में भाई की हत्या करने का आरोप लगाया है। इसमें आरोप लगाया है कि उसके भाई सुरेंद्र की शिवनाथ से दुश्मनी थी। इसी के चलते उसने जेल के अधिकारियों से मिलकर हत्या कराई है। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है।
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