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एसपी सस्पेंड, पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 27 Jul 2015 12:13 AM IST
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हमीरपुर की घटना का संज्ञान लेते हुए सरकार ने वहां के पुलिस अधीक्षक डीपी
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सिंह को सस्पेंड कर दिया है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस द्वारा
की गई फायरिंग में रोहित पांडेय की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए
हैं। उन्होंने दोषी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए भी कहा है।
इस घटना में मृत लोगों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यंत गंभीर है।
इस तरह की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए सारे प्रयास कर रही है। इसलिए इस तरह की घटनाओं में जो भी दोषी हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार ने इस मामले में प्रथम दृष्टया हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक को दोषी मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। उधर, छात्रा के आत्मदाह के बाद आक्रोश जता रहे लोगों पर फायरिंग करने वाले पुलिस कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मृत युवक रोहित पांडेय के पिता की तहरीर पर की गई।
हमीरपुर की डीएम संध्या तिवारी ने रविवार शाम को प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपद्रव कर रही भीड़ पर फायरिंग का आदेश एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने दिया था।
इसकी मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा करेंगे। डीएम ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मृतक रोहित पांडेय के पिता राकेश पांडेय की तहरीर पर घटना में मौजूद पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 302/307 का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी पुलिस कर्मियों के नाम पूछने पर बताया कि एफआईआर में पुलिस कर्मी ही लिखा है। किसी को नामजद नहीं किया गया। यह जांच में सामने आएगा। घटना के मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रभारी आईजी भगवान स्वरूप ने बताया कि बिवांर थानाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित थानाध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने बवाल करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं 34 को नामजद कर 900 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं पर रिपोर्ट दर्ज की है।
ये है मामला
25 जुलाई को हमीरपुर के बिवांर कस्बे की एक छात्रा ने शोहदे की छेड़खानी से तंग आकर आत्मदाह कर लिया था। उसकी मौत के बाद लोगों का आक्रोश फूटा तो पुलिस ने फायरिंग कर दी। इसमें एक शख्स रोहित पांडेय की मौत हुई थी, जबकि तीन लोग अभी घायल हैं।
मामले को देखूंगा: राज्यपाल
लखनऊ। हमीरपुर हिंसा मामले पर राजभवन की भी नजरें हैं। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि फिलहाल उन्हें अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद वे इस मामले को देखेंगे। हिंसा क्यों हुई, क्या मामला है वे इसे देखेंगे।
इस घटना में मृत लोगों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यंत गंभीर है।
इस तरह की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए सारे प्रयास कर रही है। इसलिए इस तरह की घटनाओं में जो भी दोषी हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार ने इस मामले में प्रथम दृष्टया हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक को दोषी मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। उधर, छात्रा के आत्मदाह के बाद आक्रोश जता रहे लोगों पर फायरिंग करने वाले पुलिस कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मृत युवक रोहित पांडेय के पिता की तहरीर पर की गई।
हमीरपुर की डीएम संध्या तिवारी ने रविवार शाम को प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपद्रव कर रही भीड़ पर फायरिंग का आदेश एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने दिया था।
इसकी मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा करेंगे। डीएम ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मृतक रोहित पांडेय के पिता राकेश पांडेय की तहरीर पर घटना में मौजूद पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 302/307 का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी पुलिस कर्मियों के नाम पूछने पर बताया कि एफआईआर में पुलिस कर्मी ही लिखा है। किसी को नामजद नहीं किया गया। यह जांच में सामने आएगा। घटना के मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रभारी आईजी भगवान स्वरूप ने बताया कि बिवांर थानाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित थानाध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने बवाल करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं 34 को नामजद कर 900 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं पर रिपोर्ट दर्ज की है।
ये है मामला
25 जुलाई को हमीरपुर के बिवांर कस्बे की एक छात्रा ने शोहदे की छेड़खानी से तंग आकर आत्मदाह कर लिया था। उसकी मौत के बाद लोगों का आक्रोश फूटा तो पुलिस ने फायरिंग कर दी। इसमें एक शख्स रोहित पांडेय की मौत हुई थी, जबकि तीन लोग अभी घायल हैं।
मामले को देखूंगा: राज्यपाल
लखनऊ। हमीरपुर हिंसा मामले पर राजभवन की भी नजरें हैं। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि फिलहाल उन्हें अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद वे इस मामले को देखेंगे। हिंसा क्यों हुई, क्या मामला है वे इसे देखेंगे।