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पुत्र के हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/हमीरपुर
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:56 PM IST
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murder
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नाबालिग पुत्र की हत्या के मामले में ललपुरा पुलिस 10 साल बाद हत्यारोपी का पता लगाने में पुलिस नाकाम है। पीड़ित मां ने मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिक ारियों को पत्र भेजकर फरार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। मुख्यालय के अमनशहीद मोहल्ला निवासी लीलीवती पत्नी स्व.जोगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पांच मई 2007 की शाम उसके 11 वर्षीय पुत्र पंकज की हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट उसने ललपुरा थाने में अगले दिन बरदानी केवट निवासी बीरबल का अकबरपुर थाना सजेती कानपुर नगर के नाम कराई थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य को मिटाने की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। बताया कि विवेचक सुशील कुमार सिंह ने बिना आरोपी की गिरफ्तारी के 31 जुलाई 2007 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र दाखिल करते समय यह भी लिखा कि आरोपी जमानत पर है। जबकि पीड़िता का कहना है कि आरोपी फरार चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि इस संबंध में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस त्रुटि को सही करने के लिए 25 अगस्त 2007 को विवेचक को तलब करने का पत्र लिखा।
जिस पर 27 अगस्त को विवेचक ने न्यायालय आकर त्रुटि का निराकरण किया। पीड़िता ने बताया कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस ने तबसे कोई पहल नहीं की है। पीड़िता ने भेजे पत्र में आरोपी की गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। उधर थानाध्यक्ष ललपुरा मोहम्मद अली ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। मामला बहुत पुराना है। देखना पड़ेगा।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य को मिटाने की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। बताया कि विवेचक सुशील कुमार सिंह ने बिना आरोपी की गिरफ्तारी के 31 जुलाई 2007 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र दाखिल करते समय यह भी लिखा कि आरोपी जमानत पर है। जबकि पीड़िता का कहना है कि आरोपी फरार चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि इस संबंध में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस त्रुटि को सही करने के लिए 25 अगस्त 2007 को विवेचक को तलब करने का पत्र लिखा।
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जिस पर 27 अगस्त को विवेचक ने न्यायालय आकर त्रुटि का निराकरण किया। पीड़िता ने बताया कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस ने तबसे कोई पहल नहीं की है। पीड़िता ने भेजे पत्र में आरोपी की गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। उधर थानाध्यक्ष ललपुरा मोहम्मद अली ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। मामला बहुत पुराना है। देखना पड़ेगा।
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