{"_id":"58693d9a4f1c1b7675eef512","slug":"farmers-from-chc-s-not-cold-treatment-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड से किसान का सीएचसी में नहीं हुआ इलाज, मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ठंड से किसान का सीएचसी में नहीं हुआ इलाज, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
सरीला सीएचसी गेट में जाम लगाए ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के बरगवां में खेत में गेहूं फसल की सिंचाई करते समय 50 वर्षीय किसान ठंड की चपेट में आ गया। घर पहुंचने पर उसकी हालत और बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे पीएचसी ले आए। लेकिन सीएचसी में डाक्टर के नदारत रहने पर उसे राठ ले गए। जहां चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गुस्साए परिजन किसान का शव वापस सीएचसी
लाए और डाक्टरो के प्रति कार्रवाई की मांग को लेकर गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया। साथ ही कुछ लोगों ने सीएचसी में ताला जड़ दिया। तीन घंटे तक चले जाम में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कोभेजा है। किसान के बेटे की तहरीर पर डाक्टर सहित दोषी स्वास्थ्य
कर्मियों के विरुद्ध इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। क्षेत्र के बरगवां निवासी शिवपाल (50) शनिवार की देर शाम खाना खाकर अपने खेत में खड़ी गेहूं की फसल की सिंचाई निजी नलकूप से करने चला गया था। रात भर सिंचाई करनेपर वह ठंड की चपेट में आ गया। रविवार को सुबह जब उसकी हालत बिगड़ी तो वह घर चला आया। किसान
विज्ञापन
के बेटे बृजेंद्र शरण ने बताया कि घर आने पर जब उसके पिता की हालत और बिगड़ने लगी तो इलाज के लिए सीएचसी ले आए। लेकिन यहां कोई डाक्टर नहीं था। सारे कमरो में ताले लगे हुए थे। काफी देर खोजबीन के बाद भी जब डाक्टर नहीं मिला तो इलाज के लिए राठ ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बृजेंद्र शरण का आरोप है कि जब वह
पिता को सीएचसी लाए थे, तब वह जीवित थे। डाक्टर मिल जाते और इलाज शुरू हो जाता तो उनकी जान बच सकती थी। किसान की मौत के बाद परिजन शव को वापस सीएचसी सरीला ले आए। मौत की खबर लगते ही बरगवां गांव के सैकड़ाें लोग सीएचसी आ गए और डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया। इसी
बीच कुछ लोगों ने सीएचसी में तोड़फोड़ भी की और विभाग के प्रति नारेबाजी भी की। इससे पूर्व ग्रामीण एसडीएम के आवास पर शिकायत करने गए। लेकिन एसडीएम के न मिलने पर किसानों का पारा और चढ़ गया। तीन घंटे तक चले जाम के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार मनोज कुमार व सीओ एस वैभव पांडेय ने उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराते हुए
दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों व परिजनों को शांत कराया। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसीलदार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर किसान की मौत के मामले में डाक्टर सहित दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध इलाज में लापरवाही
का मामला दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी एस वैभव पांडेय ने बताया कि मृतक किसान के बेटे बृजेंद्र शरण की तहरीर पर ड्यूटी में तैनात डाक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ 304/1 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद सभी आरोपियों के नाम उजागार हो सकेंगे।
स्पष्टीकरण मांगा
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सीपी कश्यप ने सरीला सीएचसी में चिकित्सक व संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन में रिपोर्ट आने पर जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
लाए और डाक्टरो के प्रति कार्रवाई की मांग को लेकर गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया। साथ ही कुछ लोगों ने सीएचसी में ताला जड़ दिया। तीन घंटे तक चले जाम में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कोभेजा है। किसान के बेटे की तहरीर पर डाक्टर सहित दोषी स्वास्थ्य
विज्ञापन
कर्मियों के विरुद्ध इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। क्षेत्र के बरगवां निवासी शिवपाल (50) शनिवार की देर शाम खाना खाकर अपने खेत में खड़ी गेहूं की फसल की सिंचाई निजी नलकूप से करने चला गया था। रात भर सिंचाई करनेपर वह ठंड की चपेट में आ गया। रविवार को सुबह जब उसकी हालत बिगड़ी तो वह घर चला आया। किसान
विज्ञापन
के बेटे बृजेंद्र शरण ने बताया कि घर आने पर जब उसके पिता की हालत और बिगड़ने लगी तो इलाज के लिए सीएचसी ले आए। लेकिन यहां कोई डाक्टर नहीं था। सारे कमरो में ताले लगे हुए थे। काफी देर खोजबीन के बाद भी जब डाक्टर नहीं मिला तो इलाज के लिए राठ ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बृजेंद्र शरण का आरोप है कि जब वह
पिता को सीएचसी लाए थे, तब वह जीवित थे। डाक्टर मिल जाते और इलाज शुरू हो जाता तो उनकी जान बच सकती थी। किसान की मौत के बाद परिजन शव को वापस सीएचसी सरीला ले आए। मौत की खबर लगते ही बरगवां गांव के सैकड़ाें लोग सीएचसी आ गए और डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया। इसी
बीच कुछ लोगों ने सीएचसी में तोड़फोड़ भी की और विभाग के प्रति नारेबाजी भी की। इससे पूर्व ग्रामीण एसडीएम के आवास पर शिकायत करने गए। लेकिन एसडीएम के न मिलने पर किसानों का पारा और चढ़ गया। तीन घंटे तक चले जाम के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार मनोज कुमार व सीओ एस वैभव पांडेय ने उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराते हुए
दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों व परिजनों को शांत कराया। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसीलदार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर किसान की मौत के मामले में डाक्टर सहित दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध इलाज में लापरवाही
का मामला दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी एस वैभव पांडेय ने बताया कि मृतक किसान के बेटे बृजेंद्र शरण की तहरीर पर ड्यूटी में तैनात डाक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ 304/1 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद सभी आरोपियों के नाम उजागार हो सकेंगे।
स्पष्टीकरण मांगा
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सीपी कश्यप ने सरीला सीएचसी में चिकित्सक व संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन में रिपोर्ट आने पर जांच के बाद कार्रवाई होगी।