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श्रद्धालुओं ने की पूजा, खाया प्रसाद
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 29 Jun 2015 12:21 AM IST
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हमीरपुर मुख्यालय से सटे मेरापुर गांव में यमुना किनारे स्थित संगमेश्वर
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मंदिर में चल रहे रूद्र महायज्ञ के समापन पर आयोजित भंडारे में हजाराें
श्रद्धालुओं ने प्रसाद छका। सारा दिन रास्ते भर भंडारे में पहुंचने वाले
वाहनों व पैदल लोगों का तांता लगा रहा। वहीं अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने
यज्ञवेदी की परिक्रमा कर पुण्य में भागीदारी की।
ऐतिहासिक संगमहेश्वर मंदिर में चल रहे सात दिवसीय रुद्र महायज्ञ का रविवार को समापन हो गया। इसमें आयोजित भंडारे में प्रसाद पाने को लोगों की खासी भीड़ लगी रही।
हाईवे से मंदिर को जाने वाले रास्ते में आने जाने वालों का तांता लगा रहा। दूरदराज से लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य चौपहिया वाहनों से मंदिर पहुंचे। परिसर में प्रसाद देने में लगे भक्त खासा गदगद व उत्साहित दिखे।
उनका कहना था कि आज के इस भंडारे ने वर्षो पूर्व भरूवा सुमेरपुर में नागा स्वामी रोटीराम महाराज के संरक्षण में हुए भंडारे की यादें ताजा कर दीं। अंतिम दिन लोग मंदिर में पूजा अर्चन कर यज्ञ वेदी की परिक्रमा करने से भी नहीं चूके।
उन्होंने अपनी क्षमतानुसार एक से लेकर एक सौ आठ परिक्रमा तक कीं। वहीं यज्ञ के दौरान बाहर से आए साधु महात्माओं को दान दक्षिणा देकर विदा किया गया।
ऐतिहासिक संगमहेश्वर मंदिर में चल रहे सात दिवसीय रुद्र महायज्ञ का रविवार को समापन हो गया। इसमें आयोजित भंडारे में प्रसाद पाने को लोगों की खासी भीड़ लगी रही।
हाईवे से मंदिर को जाने वाले रास्ते में आने जाने वालों का तांता लगा रहा। दूरदराज से लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य चौपहिया वाहनों से मंदिर पहुंचे। परिसर में प्रसाद देने में लगे भक्त खासा गदगद व उत्साहित दिखे।
उनका कहना था कि आज के इस भंडारे ने वर्षो पूर्व भरूवा सुमेरपुर में नागा स्वामी रोटीराम महाराज के संरक्षण में हुए भंडारे की यादें ताजा कर दीं। अंतिम दिन लोग मंदिर में पूजा अर्चन कर यज्ञ वेदी की परिक्रमा करने से भी नहीं चूके।
उन्होंने अपनी क्षमतानुसार एक से लेकर एक सौ आठ परिक्रमा तक कीं। वहीं यज्ञ के दौरान बाहर से आए साधु महात्माओं को दान दक्षिणा देकर विदा किया गया।