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बेटी की शादी का इंतजाम न कर सका तो दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Mon, 12 Jun 2017 12:14 AM IST
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मृतक किसान रामनारायन का फाइल फोटो
- फोटो : amarujala
बेटी की शादी का इंतजाम न कर पाने से हताश कर्जदार किसान ने खेत में जहर खाकर जान दे दी। किसान पर बैंकों और साहूकार का करीब तीन लाख रुपये कर्ज था। दो जुलाई को छोटी बेटी की शादी तय है।
राठ कोतवाली के अमगांव निवासी किसान रामनारायन (55) पुत्र प्यारेलाल लोधी के नाम करीब 13 बीघा जमीन है। चचेरे भाई राजेंद्र लोधी ने बताया कि रामनारायन पर इलाहाबाद बैंक का 83944 और भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा का 50 हजार रुपये कर्ज है। इसके अलावा दो और लोगों का कर्जदार था। कई सालों से फसल न होने के कारण रामनारायन कर्ज नहीं चुका पा रहा था। उसकी सबसे छोटी पुत्री की दो जुलाई को शादी तय है।
बेटे आशु ने बताया कि तीन जून को पिताजी घर से यह कहकर निकले थे कि वे शादी के लिए रुपयों का इंतजाम करने राठ जा रहे हैं। इसके बाद घर नहीं लौटे। उनकी तलाश की गई, लेकिन पता नहीं चला। रविवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने खेत की झाड़ियों में शव देखा तो जानकारी दी। शव को जंगली जानवरों ने क्षत-विक्षत कर दिया था। शव के पास सल्फास की गोलियां और खाली डिब्बी पड़ी थी। इससे माना जा रहा है किसान ने रुपयों का इंतजाम न हो पाने पर हताशा में जान दे दी।
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राठ कोतवाली के अमगांव निवासी किसान रामनारायन (55) पुत्र प्यारेलाल लोधी के नाम करीब 13 बीघा जमीन है। चचेरे भाई राजेंद्र लोधी ने बताया कि रामनारायन पर इलाहाबाद बैंक का 83944 और भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा का 50 हजार रुपये कर्ज है। इसके अलावा दो और लोगों का कर्जदार था। कई सालों से फसल न होने के कारण रामनारायन कर्ज नहीं चुका पा रहा था। उसकी सबसे छोटी पुत्री की दो जुलाई को शादी तय है।
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बेटे आशु ने बताया कि तीन जून को पिताजी घर से यह कहकर निकले थे कि वे शादी के लिए रुपयों का इंतजाम करने राठ जा रहे हैं। इसके बाद घर नहीं लौटे। उनकी तलाश की गई, लेकिन पता नहीं चला। रविवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने खेत की झाड़ियों में शव देखा तो जानकारी दी। शव को जंगली जानवरों ने क्षत-विक्षत कर दिया था। शव के पास सल्फास की गोलियां और खाली डिब्बी पड़ी थी। इससे माना जा रहा है किसान ने रुपयों का इंतजाम न हो पाने पर हताशा में जान दे दी।
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