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अवैध मौरंग खनन के मामले में 21 को फिर आएगी सीबीआई
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हमीरपुर। सीबीआई की दस्तक को लेकर एक बार फिर मौरंग खनन घोटाले में फंसे लोगों में दहशत फैल गई है। सीबीआई ने पिछले पांच जनवरी को आई थी। तब पूर्व जिलाधिकारी चंद्रकला सहित सपा एमएलसी रमेश मिश्रा सहित 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी सिलसिले में सीबीआई की 21 सदस्यीय टीम अगले 21 व 22 जनवरी को मुख्यालय में रहेगी। उनके ठहरने के लिए लोनिवि. के डाकबंगले के दो शूट बुक हो गए हैं।
जिले में मौरंग का खनन बेतवा, केन व धसान नदियों से किया गया है। मनमानी तरीके से पिछले 31 मई 2012 के बाद 49 खनन पट्टों की स्वीकृति दे दी गई। इसमें सर्वाधिक 17 पट्टे सपा एमएलसी रमेशचंद्र मिश्रा व उनके परिवार के लोगों के नाम दिए गए। वहीं संजय दीक्षित के परिवार व करीबियों को 11 पट्टे स्वीकृत किए गए। इसके बाद रामऔतार व करन सिंह की पत्नी या मुनीम अथवा नाते रिश्तेदारों के नाम नाम पट्टे हुए। जिले के रहने वाले सपा एमएलसी रमेश मिश्रा उनके भाई दिनेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित व उनके पिता सत्यदेव दीक्षित व लोनिवि में लिपिक रहे रामऔतार सिंह व जालौन के करन सिंह व खनिज अधिकारी रहे मोईनुद्दीन सहित तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है।
16 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट के निर्देश पर पिछले अप्रैल 2017 को भी मुख्यालय आई सीबीआई ने पूछताछ की थी। सीबीआई के अधिकारी फिर एक बार 21 और 22 जनवरी को जिले में दस्तक देंगे। इसको लेकर मौरंग के धंधे से जुड़े कारोबारियों में एक बार फिर दहशत देखी जा रही है।
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बताया जा रहा है कि सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को लेकर लोगों के बयान दर्ज कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। इस मामले में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश का कहना है कि जब भी सीबीआई आती है तो प्रशासन को उसे ठहरने के साथ खाने पीने का इंतजाम कराना होता है। कहा कि लोनिवि. के दो शूट बुक करा दिए गए हैं।
सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में
अवैध मौरंग खनन के मामले में सोमवार को फिर आएगी सीबीआई
दो दिन रुककर 21 सदस्यीय सीबीआई टीम फिर शुरू करेगी जांच
जिले में मौरंग का खनन बेतवा, केन व धसान नदियों से किया गया है। मनमानी तरीके से पिछले 31 मई 2012 के बाद 49 खनन पट्टों की स्वीकृति दे दी गई। इसमें सर्वाधिक 17 पट्टे सपा एमएलसी रमेशचंद्र मिश्रा व उनके परिवार के लोगों के नाम दिए गए। वहीं संजय दीक्षित के परिवार व करीबियों को 11 पट्टे स्वीकृत किए गए। इसके बाद रामऔतार व करन सिंह की पत्नी या मुनीम अथवा नाते रिश्तेदारों के नाम नाम पट्टे हुए। जिले के रहने वाले सपा एमएलसी रमेश मिश्रा उनके भाई दिनेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित व उनके पिता सत्यदेव दीक्षित व लोनिवि में लिपिक रहे रामऔतार सिंह व जालौन के करन सिंह व खनिज अधिकारी रहे मोईनुद्दीन सहित तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है।
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16 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट के निर्देश पर पिछले अप्रैल 2017 को भी मुख्यालय आई सीबीआई ने पूछताछ की थी। सीबीआई के अधिकारी फिर एक बार 21 और 22 जनवरी को जिले में दस्तक देंगे। इसको लेकर मौरंग के धंधे से जुड़े कारोबारियों में एक बार फिर दहशत देखी जा रही है।
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बताया जा रहा है कि सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को लेकर लोगों के बयान दर्ज कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। इस मामले में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश का कहना है कि जब भी सीबीआई आती है तो प्रशासन को उसे ठहरने के साथ खाने पीने का इंतजाम कराना होता है। कहा कि लोनिवि. के दो शूट बुक करा दिए गए हैं।
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