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छात्रा के अपहरण का मामला
Updated Sat, 29 Jul 2017 07:02 PM IST
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हमीरपुर। अपर सत्र जिला न्यायालय कोर्ट नंबर एक के न्यायाधीश सैय्यद वाइज मियां ने शनिवार को छात्रा के अपहरण के मामले में दो दोषियों को चार-चार साल के सश्रम कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि स्थानीय कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी की 13 वर्षीय पुत्री जीजीआईसी में कक्षा नौ की छात्रा थी। बताया कि नौ मई 2015 की सुबह करीब नौ बजे उसकी पुत्री स्कूल जाने के लिए निकली थी। इसके बाद वह खाता खुलवाने बैंक जाएगी। दोपहर दो बजे तक पुत्री के घर न लौटने पर परिजनों को चिंता सताई। बाद में पता चला कि उसके घर में बताशा बनाने के कारखाने में काम करने वाला मिस्त्री आदर्श उर्फ रिंकू व उसका रिश्तेदार सत्येंद्र उर्फ बड़े निवासी पतारा जनपद कानपुर नगर ले गए हैं। पीड़िता ने बयान में अदालत को बताया कि नौ मई को वह स्कूल से घर जा रही थी। तभी रास्ते में आदर्श मिला। उसने कहा कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। सब लोग कानपुर गए हैं। उसके पापा ने उसे भी कानपुर बुलाया है। छात्रा ने बताया कि उसकी बातों में आकर वह उसके साथ चली गई। जहां दोनों युवक उसे गुजरात ले गए और उसे तीन माह तक रखा। जबकि इसी बीच सत्येंद्र भी आ गया था। तब पीड़िता के पिता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण करने का मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों को दोषी ठहराते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास व चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
छात्रा के अपहरण में दो को चार साल कैद
स्कूल जाते समय धोखे से कर लिया था छात्रा का अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
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शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि स्थानीय कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी की 13 वर्षीय पुत्री जीजीआईसी में कक्षा नौ की छात्रा थी। बताया कि नौ मई 2015 की सुबह करीब नौ बजे उसकी पुत्री स्कूल जाने के लिए निकली थी। इसके बाद वह खाता खुलवाने बैंक जाएगी। दोपहर दो बजे तक पुत्री के घर न लौटने पर परिजनों को चिंता सताई। बाद में पता चला कि उसके घर में बताशा बनाने के कारखाने में काम करने वाला मिस्त्री आदर्श उर्फ रिंकू व उसका रिश्तेदार सत्येंद्र उर्फ बड़े निवासी पतारा जनपद कानपुर नगर ले गए हैं। पीड़िता ने बयान में अदालत को बताया कि नौ मई को वह स्कूल से घर जा रही थी। तभी रास्ते में आदर्श मिला। उसने कहा कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। सब लोग कानपुर गए हैं। उसके पापा ने उसे भी कानपुर बुलाया है। छात्रा ने बताया कि उसकी बातों में आकर वह उसके साथ चली गई। जहां दोनों युवक उसे गुजरात ले गए और उसे तीन माह तक रखा। जबकि इसी बीच सत्येंद्र भी आ गया था। तब पीड़िता के पिता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण करने का मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों को दोषी ठहराते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास व चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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छात्रा के अपहरण में दो को चार साल कैद
स्कूल जाते समय धोखे से कर लिया था छात्रा का अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो