{"_id":"76d178aa9ac38d9d9558402dcc07bfe7","slug":"110-niptin-only-14-complaints-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"110 में सिर्फ 14 शिकायतें निपटीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
110 में सिर्फ 14 शिकायतें निपटीं
ब्यूरो/ अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 18 Feb 2015 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय तहसील दिवस में
विज्ञापन
फरियादियों की भीड़ उमड़ी। तहसील दिवस में 110 शिकायतें आई, किंतु इसमें
सिर्फ 14 का निस्तारण हो सका। डीएम ने तहसील दिवस से नदारद जिला उद्यान
अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में सबसे अधिक
शिकायतें पेंशन और राशन कार्डों की रहीं।
डीएम संध्या तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में बंगरा गांव के मूलचंद्र ने हैंडपंप लगाने की मांग की। अमरपुरा के सुखलाल ने मकान निर्माण में बाधा डालने, नरेंद्र धनौरी ने वरासत कराने, भारती बुधौलियाना ने सास ससुर द्वारा प्रताड़ित करने, बफाती ने पेंशन दिलाने, करगवां के प्रधान ने राशन कार्डों की ऑनलाइन सूची प्रकाशित कराने, जलालपुर शाख नहर में ठेकेदार द्वारा कुलावे न बनाने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में त्रुटियों को संशोधित कराने की मांग की।
इसी गांव के प्रेम दीक्षित ने कोटेदार द्वारा अधिक मूल्य पर राशन देने, नबीबक्श ने इंदिरा आवास की दूसरी किस्त दिलाने, रतन सिंह धमना ने कोटेदार द्वारा राशन की दुकान किराए पर लगाने, दिनेश बसेला ने शौचालय बनवाने, महेश पठानपुरा ने तहसील में अधिक दर पर स्टांप बेंचने, सिकंदरपुरा के रामखिलावन ने खेत पर कब्जा करने, मुगलपुरा की शांति ने मकान पर कब्जा करने की शिकायत की।
डीएम ने सभी अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। एएसपी आदित्य प्रकाश वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर, एसडीएम रामअक्षयवर सिंह, सीओ सीताराम, बीएसए रामचन्द्र सहित जिले के आलाधिकारी मौजूद रहे।
पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष रामाधार सिंह राजपूत ने तहसील पहुंच डीएम संध्या तिवारी सेे किशोरी से दुष्कर्म की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। बताया कि पुलिस ने बिना जांच किए ही मामला दर्ज कर लिया, जबकि घटना पूरी तरह से असत्य है।
बताया कि मझगवां थाने में तैनात दरोगा ने उनके मोबाइल पर फोन कर आरोपियों से राजीनामा करने के लिए कहा। इस पर डीएम ने रामाधार सिंह राजपूत को अपर पुलिस अधीक्षक के साथ बैठकर बातचीत करने को कहा। रामाधार सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक को बताया कि दुष्कर्म से पहले एक महिला आरोपियों के गांव मुस्करा खुर्द गई थी।
महिला ने राजीनामा का दबाव बनाया था। राजीनामा न करने पर देख लेने की धमकी दी थी। बताया कि अगले दिन आरोपियाें ने इसकी लिखित शिकायत मझगवां थाने में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अपर पुलिस ने अधीक्षक ने सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच करने की बात कही।
डीएम संध्या तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में बंगरा गांव के मूलचंद्र ने हैंडपंप लगाने की मांग की। अमरपुरा के सुखलाल ने मकान निर्माण में बाधा डालने, नरेंद्र धनौरी ने वरासत कराने, भारती बुधौलियाना ने सास ससुर द्वारा प्रताड़ित करने, बफाती ने पेंशन दिलाने, करगवां के प्रधान ने राशन कार्डों की ऑनलाइन सूची प्रकाशित कराने, जलालपुर शाख नहर में ठेकेदार द्वारा कुलावे न बनाने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में त्रुटियों को संशोधित कराने की मांग की।
इसी गांव के प्रेम दीक्षित ने कोटेदार द्वारा अधिक मूल्य पर राशन देने, नबीबक्श ने इंदिरा आवास की दूसरी किस्त दिलाने, रतन सिंह धमना ने कोटेदार द्वारा राशन की दुकान किराए पर लगाने, दिनेश बसेला ने शौचालय बनवाने, महेश पठानपुरा ने तहसील में अधिक दर पर स्टांप बेंचने, सिकंदरपुरा के रामखिलावन ने खेत पर कब्जा करने, मुगलपुरा की शांति ने मकान पर कब्जा करने की शिकायत की।
डीएम ने सभी अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। एएसपी आदित्य प्रकाश वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर, एसडीएम रामअक्षयवर सिंह, सीओ सीताराम, बीएसए रामचन्द्र सहित जिले के आलाधिकारी मौजूद रहे।
पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष रामाधार सिंह राजपूत ने तहसील पहुंच डीएम संध्या तिवारी सेे किशोरी से दुष्कर्म की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। बताया कि पुलिस ने बिना जांच किए ही मामला दर्ज कर लिया, जबकि घटना पूरी तरह से असत्य है।
बताया कि मझगवां थाने में तैनात दरोगा ने उनके मोबाइल पर फोन कर आरोपियों से राजीनामा करने के लिए कहा। इस पर डीएम ने रामाधार सिंह राजपूत को अपर पुलिस अधीक्षक के साथ बैठकर बातचीत करने को कहा। रामाधार सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक को बताया कि दुष्कर्म से पहले एक महिला आरोपियों के गांव मुस्करा खुर्द गई थी।
महिला ने राजीनामा का दबाव बनाया था। राजीनामा न करने पर देख लेने की धमकी दी थी। बताया कि अगले दिन आरोपियाें ने इसकी लिखित शिकायत मझगवां थाने में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अपर पुलिस ने अधीक्षक ने सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच करने की बात कही।