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हमीरपुर में मासूम की मौत: मोबाइल में गेम देखकर लगाया फंदा, मां ने दरवाजा तुड़वाया.. तो कुंडी से लटका मिला शव

Sat, 04 Feb 2023 05:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Sat, 04 Feb 2023 05:30 PM IST
सार

कोतवाली क्षेत्र में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहां एक सात वर्षीय मासूम ने मोबाइल गेम देखकर फांसी का फंदा लगा लिया। परिजन आनन फानन में सीएचसी लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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Innocent death in Hamirpur, Trapped watching the game in mobile
रिजनों में मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हमीरपुर जिले में सात वर्षीय मासूम ने गेम देखने के बाद कमरा बंद कर फंदा लगा लिया। दरवाजा तोड़कर परिजन उसे सीएचसी लाए, जहां डाक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।

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कोतवाली क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी गुलाम वहीद काफी समय से कस्बे के फत्तेपुर मोहल्ले में रह रहा है। उसकी पत्नी सोनी ने बताया कि पति ट्रक चालक हैं, जो घर से बाहर हैं। उसने बताया कि शाम करीब पांच बजे उसका मोबाइल लेकर पुत्र अयान गेम खेल रहा था। वह दरवाजे पर बैठी थी।
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घंटे भर बाद जब वह अंदर गई और बेटे को आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया न मिल दरवाजे को धक्का दिया, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। मोहल्ले वालों को बुलाकर दरवाजा को तोड़ा गया। देखा कि पुत्र गले में फंदा लगाकर कुंडी से लटका था। आनन फानन में उसे अस्पताल ले गई।

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यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सीओ विवेक यादव का कहना है कि जानकारी मिली है। बच्चे ने गेम खेलने के बाद फंदा लगा लिया है। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

बच्चों को इनडोर नहीं आउटडोर गेम के लिए करें प्रेरित
साइकोथेरेपिस्ट डॉ. नीता कहती है कि आजकल मोबाइल पर तरह तरह के गेम डाउनलोड कर बच्चे खेलते हैं। जिससे वह मोबाइल गेम में जैसा देखते हैं वैसा ही करने  सोचते हैं। यह बच्चों के शरीर में पाए जाने वाले डोपामीन हर्मोंस की वजह से होती है, जिसमें एकाग्रता क्षीण हो जाती है। बच्चे सही गलत को नहीं समझ पाते हैं।

इस तरह की घटनाएं झकझोर देती है, लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं अभिभावक ही जिम्मेदार है। जो बच्चों को आउटडोर गेम के लिए प्रेरित नहीं करते हैं। इनडोर गेम देखकर बच्चे आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। हर अभिभावक को बच्चों को मोबाइल की लत नहीं लगाना चाहिए।

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