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जरा सी बात पर तीन लोगों ने दुनिया छोड़ी
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रोते बिलखते मृतक राजेंद्र के परिजन।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। जरा-जरा सी बात पर तीन लोगों ने दुनिया छोड़ दी। मुस्कुरा के पहाड़ी गांव में मायके से पत्नी के न आने पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौदहा में युवक ने गृह कलह से परेशान होकर खुदकुशी कर दी। इसी तरह मौदहा में तनाव में आकर युवक ने जान दे दी। तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
मुस्कुरा के पहाड़ी गांव निवासी जयपाल कुशवाहा ने बताया कि उसका इकलौते पुत्र राजेंद्र (27) ने पत्नी के मायके से न आने पर फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी शादी चार साल पहले चिचारा निवासी ऊषा उर्फ गुड़िया के साथ हुई थी। दोनों की एक तीन वर्ष की एक पुत्री भी है। शादी के बाद से दोनों के बीच अनबन रहती थी। इसके चलते आए दिन गृह कलह होती थी। विवाद के चलते जयपाल अपनी पत्नी के साथ पुत्री की ससुराल मऊरानीपुर चला गया था। घर पर पुत्र राजेंद्र अकेला ही था। चार-पांच दिन पहले बेटा बहू को लेने ससुराल चिचारा गया था, लेकिन पत्नी ने साथ आने से मना कर दिया था। इससे क्षुब्ध होकर घर वापस आकर मंगलवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पत्नी ऊषा ने तहरीर देकर ससुर पर आरोप लगाया कि उसका ससुर उससे छेड़खानी करता था। इसका वह विरोध करती थी। इसी कारण घर में गृह कलह होती थी। 11 जून को उसने अपने ससुर की शिकायत की थी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। उसने ससुर पर पति को जान से मारने का आरोप लगाया है।
मौदहा के पाटनपुर गांव निवासी उत्तम कुमार (22) ने मंगलवार देर रात नीम के पेड़ पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि उत्तम कुमार गृह कलह से परेशान रहता था। मानसिक रूप से भी विक्षिप्त था। दो तीन दिन पहले मौदहा भाग गया था। उसे पकड़ कर लाया गया था। मामले की जांच की जा रही है।
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मौदहा के मराठीपुरा निवासी दिलीप कुमार सैनी (40) ने तनाव में सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी कर ली। वह मुस्करा के राजकीय बालिका इंटर कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात था। पिता अशोक सैनी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। उसे मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। वह अपना स्थानांतरण मुस्करा से कस्बे में या फिर आसपास के क्षेत्र में कराना चाहता था। इसको लेकर परेशान रहता था। उसके ऊपर कुछ कर्ज भी था। इन्हीं सब से वह तनाव में रहता था। वह अपने पीछे पत्नी सहित तीन मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गया है।
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मुस्कुरा के पहाड़ी गांव निवासी जयपाल कुशवाहा ने बताया कि उसका इकलौते पुत्र राजेंद्र (27) ने पत्नी के मायके से न आने पर फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी शादी चार साल पहले चिचारा निवासी ऊषा उर्फ गुड़िया के साथ हुई थी। दोनों की एक तीन वर्ष की एक पुत्री भी है। शादी के बाद से दोनों के बीच अनबन रहती थी। इसके चलते आए दिन गृह कलह होती थी। विवाद के चलते जयपाल अपनी पत्नी के साथ पुत्री की ससुराल मऊरानीपुर चला गया था। घर पर पुत्र राजेंद्र अकेला ही था। चार-पांच दिन पहले बेटा बहू को लेने ससुराल चिचारा गया था, लेकिन पत्नी ने साथ आने से मना कर दिया था। इससे क्षुब्ध होकर घर वापस आकर मंगलवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पत्नी ऊषा ने तहरीर देकर ससुर पर आरोप लगाया कि उसका ससुर उससे छेड़खानी करता था। इसका वह विरोध करती थी। इसी कारण घर में गृह कलह होती थी। 11 जून को उसने अपने ससुर की शिकायत की थी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। उसने ससुर पर पति को जान से मारने का आरोप लगाया है।
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मौदहा के पाटनपुर गांव निवासी उत्तम कुमार (22) ने मंगलवार देर रात नीम के पेड़ पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि उत्तम कुमार गृह कलह से परेशान रहता था। मानसिक रूप से भी विक्षिप्त था। दो तीन दिन पहले मौदहा भाग गया था। उसे पकड़ कर लाया गया था। मामले की जांच की जा रही है।
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मौदहा के मराठीपुरा निवासी दिलीप कुमार सैनी (40) ने तनाव में सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी कर ली। वह मुस्करा के राजकीय बालिका इंटर कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात था। पिता अशोक सैनी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। उसे मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। वह अपना स्थानांतरण मुस्करा से कस्बे में या फिर आसपास के क्षेत्र में कराना चाहता था। इसको लेकर परेशान रहता था। उसके ऊपर कुछ कर्ज भी था। इन्हीं सब से वह तनाव में रहता था। वह अपने पीछे पत्नी सहित तीन मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गया है।