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वनरोज ने किसान को मार डाला
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सुमरेपुर पीएचसी में रोते बिलखते मृतक किसान के परिजन।
- फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। खेतों से चारा लेकर वापस आ रहे एक वृद्ध किसान पर वनरोज ने हमला कर मार डाला। पुलिस की गाड़ियों के हूटर बजाने पर वनरोज भागा। वनरोज को पकड़ने के लिए वन विभाग और पुलिस संयुक्त अभियान चला रही है।
ईदगाह के सामने रहने वाले रामआसरे प्रजापति (61) खेतों से चारा लेने के बाद शाम 5:30 बजे घर वापस आ रहा था। तभी पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने अचानक एक वनरोज ने हमला बोल दिया। आसपास काम करने वाले लोग वनरोज का भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफल नहीं हुए। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ ठाकुर व पुलिस मौके पर पहुंची और उसे भगाने के हर संभव प्रयास किए। बाद में पुलिस की गाड़ियों के हूटर बजाने पर वनरोज भागा। तब कहीं जाकर पुलिस उसे गंभीर हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
किसान के पास छह बीघा जमीन है। इस पर खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी व चार पुत्रों को छोड़ गया है। मृतक के पुत्र संतराम ने बताया कि प्रतिदिन की भांति पिता खेतों में गए थे और शाम को चारा लेकर वापस आ रहे थे। तभी अचानक हुई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। भाजपा किसान मोर्चा के सिद्धार्थ ठाकुर ने वनरोज को पकड़ कर जंगल में छोड़े जाने की मांग की है।
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कुछ वर्ष पहले वनरोज का बच्चा एक पशु प्रेमी को घायल अवस्था में मिला था। उसने इसका इलाज किया और लंबे समय तक गाय और बकरी का दूध पिलाकर ठीक किया था। बड़ा होने पर पशु प्रेमी ने उसे आजाद कर दिया था। यह कस्बे के तपोभूमि क्षेत्र में घूमता रहता है। कभी भी लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाता था। लोग इसे पुचकारते और दुलराते थे। बिस्किट, केला खिलाते थे। शनिवार को अचानक वनरोज हिंसक हो गया और रामआसरे पर हमला बोलकर मार डाला। इस घटना से लोग स्तब्ध हैं।
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ईदगाह के सामने रहने वाले रामआसरे प्रजापति (61) खेतों से चारा लेने के बाद शाम 5:30 बजे घर वापस आ रहा था। तभी पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने अचानक एक वनरोज ने हमला बोल दिया। आसपास काम करने वाले लोग वनरोज का भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफल नहीं हुए। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ ठाकुर व पुलिस मौके पर पहुंची और उसे भगाने के हर संभव प्रयास किए। बाद में पुलिस की गाड़ियों के हूटर बजाने पर वनरोज भागा। तब कहीं जाकर पुलिस उसे गंभीर हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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किसान के पास छह बीघा जमीन है। इस पर खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी व चार पुत्रों को छोड़ गया है। मृतक के पुत्र संतराम ने बताया कि प्रतिदिन की भांति पिता खेतों में गए थे और शाम को चारा लेकर वापस आ रहे थे। तभी अचानक हुई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। भाजपा किसान मोर्चा के सिद्धार्थ ठाकुर ने वनरोज को पकड़ कर जंगल में छोड़े जाने की मांग की है।
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कुछ वर्ष पहले वनरोज का बच्चा एक पशु प्रेमी को घायल अवस्था में मिला था। उसने इसका इलाज किया और लंबे समय तक गाय और बकरी का दूध पिलाकर ठीक किया था। बड़ा होने पर पशु प्रेमी ने उसे आजाद कर दिया था। यह कस्बे के तपोभूमि क्षेत्र में घूमता रहता है। कभी भी लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाता था। लोग इसे पुचकारते और दुलराते थे। बिस्किट, केला खिलाते थे। शनिवार को अचानक वनरोज हिंसक हो गया और रामआसरे पर हमला बोलकर मार डाला। इस घटना से लोग स्तब्ध हैं।