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सगे भाई को फंसाने के लिए की थी युवक की हत्या, मानसिक रूप से कमजोर युवक की गोली मारकर हत्या की, भाई के नलकूप पर फेंका था शव
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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी।
- फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। स्टेशन के समीप नलकूप पर हुई हत्या का पुलिस ने 12वें दिन खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार नलकूप मालिक (सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी) के भाई ने ही उसे फंसाने के लिए एक अनजान युवक की गोली माकर हत्या कर शव को नलकूप पर फेंका था। लेकिन पुलिस की विवेचना में आरोपी का सारा प्रयास विफल रहा।
22 मार्च को सेवानिवृत्त सिपाही रणविजय सिंह के निजी नलकूप में एक युवक का शव बरामद हुआ था। हत्या गोली मारकर की गई थी। 12 दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मुंडेरा गांव निवासी जनक सिंह पुत्र मलखान सिंह को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया है। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने बताया मलखान सिंह के पांच पुत्रों में रणविजय सिंह, करण सिंह, जनक सिंह कस्बे में रहते हैं। जबकि देव सिंह व जसवंत सिंह गांव में रहते हैं।
रणविजय सिंह पुलिस से सेवानिवृत्त है। इसका नाते रिश्तेदारों के साथ समाज में अलग मान सम्मान है। भाई के इस वैभव से जनक सिंह को अंदर ही अंदर जलन होती थी। पैसे आदि की मांग करने पर बड़ा भाई उसे कई बार बेइज्जत कर चुका था। इसी बेइज्जती का बदला लेने की गरज से आरोपी ने भाई को फंसाने का ताना बाना बुना। बीते 21 मार्च को वह ललपुरा थानाक्षेत्र के कलौलीजार निवासी सुनैना सिंह को छोड़ने उसके गांव गया था।
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लौटते समय बांकी मार्ग पर जनक सिंह को एक मानसिक रूप से कमजोर युवक मिला। उसे जनक सिंह ने बाइक पर बैठा लिया और सीधे भाई रणविजय के नलकूप ले गया और वहां उसे शराब पिलाई। इसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जनक सिंह के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर जेल भेजा है। मृतक कौन था और कहां का निवासी था इसकी जानकारी पुलिस नहीं कर सकी है।
पूर्व में भी हो चुकी है घटना
भरुआसुमेरपुर। दो दशक पूर्व चंदपुरवा बुजुर्ग निवासी कमलेश साहू ने अपने खेतों में एक अज्ञात युवक की सिर काटकर हत्या की थी। हत्या के पहले उसने अपने कपड़े पहनाए थे। इसके बाद कुल्हाड़ी से सिर काटकर तालाब में डाल दिया था और खुद घर में जाकर छिप गया था। इसमें भी पुलिस मृतक के बारे में कुछ भी पता नहीं कर सकी है। अब दूसरी घटना 21 मार्च की रात में जनक सिंह ने बड़े भाई रणविजय सिंह को फंसाने के लिए एक निर्दोष की जान ले ली और अपने मकसद में भी कामयाब नहीं हुआ।
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22 मार्च को सेवानिवृत्त सिपाही रणविजय सिंह के निजी नलकूप में एक युवक का शव बरामद हुआ था। हत्या गोली मारकर की गई थी। 12 दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मुंडेरा गांव निवासी जनक सिंह पुत्र मलखान सिंह को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया है। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने बताया मलखान सिंह के पांच पुत्रों में रणविजय सिंह, करण सिंह, जनक सिंह कस्बे में रहते हैं। जबकि देव सिंह व जसवंत सिंह गांव में रहते हैं।
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रणविजय सिंह पुलिस से सेवानिवृत्त है। इसका नाते रिश्तेदारों के साथ समाज में अलग मान सम्मान है। भाई के इस वैभव से जनक सिंह को अंदर ही अंदर जलन होती थी। पैसे आदि की मांग करने पर बड़ा भाई उसे कई बार बेइज्जत कर चुका था। इसी बेइज्जती का बदला लेने की गरज से आरोपी ने भाई को फंसाने का ताना बाना बुना। बीते 21 मार्च को वह ललपुरा थानाक्षेत्र के कलौलीजार निवासी सुनैना सिंह को छोड़ने उसके गांव गया था।
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लौटते समय बांकी मार्ग पर जनक सिंह को एक मानसिक रूप से कमजोर युवक मिला। उसे जनक सिंह ने बाइक पर बैठा लिया और सीधे भाई रणविजय के नलकूप ले गया और वहां उसे शराब पिलाई। इसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जनक सिंह के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर जेल भेजा है। मृतक कौन था और कहां का निवासी था इसकी जानकारी पुलिस नहीं कर सकी है।
पूर्व में भी हो चुकी है घटना
भरुआसुमेरपुर। दो दशक पूर्व चंदपुरवा बुजुर्ग निवासी कमलेश साहू ने अपने खेतों में एक अज्ञात युवक की सिर काटकर हत्या की थी। हत्या के पहले उसने अपने कपड़े पहनाए थे। इसके बाद कुल्हाड़ी से सिर काटकर तालाब में डाल दिया था और खुद घर में जाकर छिप गया था। इसमें भी पुलिस मृतक के बारे में कुछ भी पता नहीं कर सकी है। अब दूसरी घटना 21 मार्च की रात में जनक सिंह ने बड़े भाई रणविजय सिंह को फंसाने के लिए एक निर्दोष की जान ले ली और अपने मकसद में भी कामयाब नहीं हुआ।