{"_id":"61895ea7b0d59d19ff266bd2","slug":"crime-hamirpur-news-hamirpur-hamirpur-news-knp6628003129","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी, भाई व साले ने मिलकर विवाद में युवक कर दी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी, भाई व साले ने मिलकर विवाद में युवक कर दी हत्या
विज्ञापन
सरीला के पुरौनी गांव के कुएं में दफनाए गए युवक के शव को निकालने के लिए मिट्टी निकालता मजदूर।
- फोटो : HAMIRPUR
सरीला (हमीरपुर)। जलालपुर थाने के पुरैनी गांव में चार अक्तूबर की रात से लापता युवक का शव पुलिस ने कुएं से रविवार देर रात बरामद कर लिया। पुलिस का दावा है कि नजदीकी संबंध का विरोध करने पर पत्नी, छोटे भाई व साले ने युवक की गला दबाकर हत्या की और शव को कुएं में फेंक मिट्टी से पाट दिया था। पत्नी और उनके भाई को हिरासत में लेकर पुलिस जांच में जुटी है। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
रविवार को पुरैनी निवासी राजरानी ने पुलिस को सूचना दी कि उनका बड़ा बेटा वैदेही शरण (45) चार अक्तूबर की रात से लापता है। वह लापता होने के 10 पूर्व ही मेरठ से लौटा था। बताया कि वह मकानों की पुताई का काम करता है। उन्होंने शक जताया कि घर के अहाते में बने कुएं में बेटे का शव फेंककर मिट्टी से पाट दिया गया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रविवार देर शाम कुएं में खुदाई शुरू कराई। रात करीब एक बजे कुएं से युवक का कंकाल बरामद किया गया। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि मृतक की पत्नी शिवकुमारी एवं छोटे भाई निरंजन उर्फ बबलू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला देवर और भाभी में नजदीकी संबंध थे। वैदेही शरण इसका विरोध कर रहा था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि चार अक्तूबर की रात थाना जरिया के करही निवासी साले रमाकांत ने बहनोई वैदेही को पहले शराब पिलाई। इसके बाद तीनों ने गला दबाकर हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंककर झांकर व करीब छह फीट मिट्टी भर दी।
विज्ञापन
वैदेही शरण के मेरठ जाने की बात उड़ाई
सरीला। पुरैनी गांव में हुए इस हत्याकांड के खुलासे में मां राजरानी ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। दरअसल, हत्याकांड के बाद से वैदेही शरण की पत्नी, भाई और साले गांव में उसके मेरठ जाने की बात कह रहे थे। वहीं राजरानी को कहीं न कहीं अनहोनी की आशंका थी।
पुरैनी निवासी प्रताप लोधी के दो बेटों में वैदेही शरण बड़ा था। वह अक्सर बाहर शहरों में रहकर मकान की पुताई का काम करता था। वह पिछले सितंबर माह के आखिरी में मेरठ से पुताई का काम कर घर लौटा था। जबकि उसका छोटा भाई निरंजन उर्फ बबलू अविवाहित घर पर ही रहता है। पिता के साथ कुल 15 बीघे जमीन पर खेती बाड़ी में हाथ बंटाता था। इन्हीं के साथ मृतक की पत्नी शिवकुमारी अपनी चार बेटियों व एक बेटे के साथ रह रही थी। चार अक्तूबर की रात शिवकुमारी का पत्नी वैदेही शरण से किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो उसने देवर निरंजन और घर आए अपने भाई रमाकांत के साथ मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। राज छिपाने के लिए शव अहाते में कुएं में फेंक उस पर मिट्टी डाल दी। गांव के लोगों से कहते रहे कि वैदेही वापस मेरठ चला गया है। लेकिन मां ने कलेजे के टुकड़े के बिछड़ने पर घर के अंदर हुए इस कांड से पर्दा उठा दिया।
फोटो 08 एचएएमपी 3 सरीला के पुरैनी गांव में कुएं में दफनाए गए युवक के शव को निकालने के लिए मिट्टी निकालता मजदूर। संवाद
फोटो 08 एचएएमपी 4 सरीला के पुरैनी गांव में कुएं से मिट्टी निकलवाती पुलिस। संवाद
विज्ञापन
रविवार को पुरैनी निवासी राजरानी ने पुलिस को सूचना दी कि उनका बड़ा बेटा वैदेही शरण (45) चार अक्तूबर की रात से लापता है। वह लापता होने के 10 पूर्व ही मेरठ से लौटा था। बताया कि वह मकानों की पुताई का काम करता है। उन्होंने शक जताया कि घर के अहाते में बने कुएं में बेटे का शव फेंककर मिट्टी से पाट दिया गया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रविवार देर शाम कुएं में खुदाई शुरू कराई। रात करीब एक बजे कुएं से युवक का कंकाल बरामद किया गया। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि मृतक की पत्नी शिवकुमारी एवं छोटे भाई निरंजन उर्फ बबलू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला देवर और भाभी में नजदीकी संबंध थे। वैदेही शरण इसका विरोध कर रहा था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि चार अक्तूबर की रात थाना जरिया के करही निवासी साले रमाकांत ने बहनोई वैदेही को पहले शराब पिलाई। इसके बाद तीनों ने गला दबाकर हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंककर झांकर व करीब छह फीट मिट्टी भर दी।
विज्ञापन
वैदेही शरण के मेरठ जाने की बात उड़ाई
सरीला। पुरैनी गांव में हुए इस हत्याकांड के खुलासे में मां राजरानी ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। दरअसल, हत्याकांड के बाद से वैदेही शरण की पत्नी, भाई और साले गांव में उसके मेरठ जाने की बात कह रहे थे। वहीं राजरानी को कहीं न कहीं अनहोनी की आशंका थी।
पुरैनी निवासी प्रताप लोधी के दो बेटों में वैदेही शरण बड़ा था। वह अक्सर बाहर शहरों में रहकर मकान की पुताई का काम करता था। वह पिछले सितंबर माह के आखिरी में मेरठ से पुताई का काम कर घर लौटा था। जबकि उसका छोटा भाई निरंजन उर्फ बबलू अविवाहित घर पर ही रहता है। पिता के साथ कुल 15 बीघे जमीन पर खेती बाड़ी में हाथ बंटाता था। इन्हीं के साथ मृतक की पत्नी शिवकुमारी अपनी चार बेटियों व एक बेटे के साथ रह रही थी। चार अक्तूबर की रात शिवकुमारी का पत्नी वैदेही शरण से किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो उसने देवर निरंजन और घर आए अपने भाई रमाकांत के साथ मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। राज छिपाने के लिए शव अहाते में कुएं में फेंक उस पर मिट्टी डाल दी। गांव के लोगों से कहते रहे कि वैदेही वापस मेरठ चला गया है। लेकिन मां ने कलेजे के टुकड़े के बिछड़ने पर घर के अंदर हुए इस कांड से पर्दा उठा दिया।
फोटो 08 एचएएमपी 3 सरीला के पुरैनी गांव में कुएं में दफनाए गए युवक के शव को निकालने के लिए मिट्टी निकालता मजदूर। संवाद
फोटो 08 एचएएमपी 4 सरीला के पुरैनी गांव में कुएं से मिट्टी निकलवाती पुलिस। संवाद