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सजा होते ही गैंगस्टर का दोषी रिहा
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हमीरपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय के विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अरुण कुमार राय की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी को तीन साल नौ माह के कारावास व 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत द्वारा जिला कारागार में काटे गए दिनों को सजा में जोड़े जाने से दोषी को रिहाई मिल गई।
शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जनपद जालौन के कालपी थानाक्षेत्र के छौंक गांव निवासी विशाल सिंह सहित चार लोगों को शहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने गैंग लीडर विशाल व उनके अन्य साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की संस्तुति कर जिला मजिस्ट्रेट को कार्रवाई के लिए लिखा था। वाहन चोरी गैंग चलाने के मामले में 25 जनवरी 2018 को गैंग चार्ट अनुमोदित किया था। बताया कि इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अरुण कुमार राय ने दोषी पाते हुए विशाल सिंह उर्फ मलिक को तीन वर्ष 9 माह का कारावास व पांच हजार अर्थदंड सुनाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत द्वारा जिला कारागार में काटे गए दिनों को सजा में जोड़ा है। इसके चलते दोषी को जेल से रिहा मिल गई।
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शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जनपद जालौन के कालपी थानाक्षेत्र के छौंक गांव निवासी विशाल सिंह सहित चार लोगों को शहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने गैंग लीडर विशाल व उनके अन्य साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की संस्तुति कर जिला मजिस्ट्रेट को कार्रवाई के लिए लिखा था। वाहन चोरी गैंग चलाने के मामले में 25 जनवरी 2018 को गैंग चार्ट अनुमोदित किया था। बताया कि इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अरुण कुमार राय ने दोषी पाते हुए विशाल सिंह उर्फ मलिक को तीन वर्ष 9 माह का कारावास व पांच हजार अर्थदंड सुनाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत द्वारा जिला कारागार में काटे गए दिनों को सजा में जोड़ा है। इसके चलते दोषी को जेल से रिहा मिल गई।
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