{"_id":"628fc04539224f013c6f14bf","slug":"civic-hamirpur-news-knp6990203196","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक खेती से सुधरेगी बुंदेली धरा की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक खेती से सुधरेगी बुंदेली धरा की सेहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। प्रदेश सरकार के बजट में बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है। कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में किसान प्राकृतिक खेती कर खुशहाल होंगे। प्राकृतिक खेती करने से बुंदेलखंड की खेती की सेहत सुधरेगी।
बजट में बुंदेलखंड की प्रमुख अर्जुन सहायक परियोजना के लिए बीस करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। किसानों को निजी नलकूप में 50 फीसदी बिजली में छूट दिए जाने के साथ ही 16 हजार सोलर पंप लगाए जाने की योजना प्रस्तावित की गई है। वहीं महिलाओं को सशक्तीकरण के लिए तीन महिला पीएसी बटालियन बनाए जाने, पुजारियों व संतों को सम्मान देने के लिए कल्याण बोर्ड बनाने के लिए घोषणा की गई है। युवाओं के लिए खेलो इंडिया सेंटर प्रत्येक जिले में स्थापित कर खेलों को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। बजट में हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सोनकर ने कहा कि बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के विभिन्न निर्माण के लिए 58 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। दुग्ध संघों के सुदृढीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के लिए 60 करोड़, मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की जा रही है। प्राकृतिक खेती पर खास फोकस करने से किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान डॉ. देव सिंह कहते हैं कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे काम किसानों के हित में हैं। जरूरत है किसानों को इसे समझने व इसको अमल में लाने की, तभी मिट्टी की सेहत सुधरेगी। रासायनिक उर्वरक के प्रयोग के चलते मिट्टी की सेहत खराब हो चुकी है। इसे जैविक व प्राकृतिक विधि से ही ठीक किया जा सकता है।
विज्ञापन
बजट में बुंदेलखंड की प्रमुख अर्जुन सहायक परियोजना के लिए बीस करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। किसानों को निजी नलकूप में 50 फीसदी बिजली में छूट दिए जाने के साथ ही 16 हजार सोलर पंप लगाए जाने की योजना प्रस्तावित की गई है। वहीं महिलाओं को सशक्तीकरण के लिए तीन महिला पीएसी बटालियन बनाए जाने, पुजारियों व संतों को सम्मान देने के लिए कल्याण बोर्ड बनाने के लिए घोषणा की गई है। युवाओं के लिए खेलो इंडिया सेंटर प्रत्येक जिले में स्थापित कर खेलों को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। बजट में हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सोनकर ने कहा कि बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के विभिन्न निर्माण के लिए 58 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। दुग्ध संघों के सुदृढीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के लिए 60 करोड़, मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की जा रही है। प्राकृतिक खेती पर खास फोकस करने से किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान डॉ. देव सिंह कहते हैं कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे काम किसानों के हित में हैं। जरूरत है किसानों को इसे समझने व इसको अमल में लाने की, तभी मिट्टी की सेहत सुधरेगी। रासायनिक उर्वरक के प्रयोग के चलते मिट्टी की सेहत खराब हो चुकी है। इसे जैविक व प्राकृतिक विधि से ही ठीक किया जा सकता है।