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पत्योरा पंप कैनाल के दिन बहुरने की उम्मीद
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पत्योरा पंप कैनाल की नहर का निरीक्षण करते मुख्य अभियंता विष्णु कुमार व अधीक्षण अभियंता हामिद उल?
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। जीर्ण शीर्ण हो चुकी पत्योरा पंप कैनाल के दिन बहुरने की उम्मीद बढ़ गई है। पिछले हफ्ते आए प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निरीक्षण के बाद इसके कायाकल्प की आशा लगाई जा रही है। लघु डाल नहर के मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता ने कैनाल का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
वर्ष 1973-74 में बनी पत्योरा पंप कैनाल का कायाकल्प न होने से दायरा प्रतिवर्ष सिमटता जा रहा है। पंप कैनाल जनपद की सबसे अधिक 60 क्यूसेक क्षमता की है। रखरखाव व शासन से बजट के अभाव में जर्जर हो चुकी है।
लघु डाल नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एसके त्रिवेदी ने बताया कि 25 किमी लंबी मुख्य नहर व माइनरों की बेड सीट व जंगल साफ सफाई पर मनरेगा से 14 लाख खर्च होंगे। गुरुवार को मुख्य अभियंता लखनऊ विष्णु कुमार व अधीक्षण अभियंता बांदा हामिद उल्ला ने पंप कैनाल का निरीक्षण किया है। उन्होंने मुख्य नहर पर मेन साइफन के पास हुई कटान पर दीवार बनाने के आदेश दिए हैं। इसे जल्द ही शुरू कराया जाएगा। कहा अनुरक्षण मद में मरम्मत, साफ सफाई, मानदेय के लिए प्रतिवर्ष 18 से 20 लाख की धनराशि शासन से मिलती है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग ने यांत्रिक कार्यों के लिए 92 लाख की कार्य योजना बनाई है। इसमें पुराने हो चुके जर्जर पाइपों व पंप सेट को बदला जाना है। सिविल कार्यों का प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2015-16 में पत्योरा व सहुरापुर पंप कैनाल में सीसी लाईनिंग के लिए विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 10 करोड़ 98 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन शासन से आज तक एक भी बजट नहीं मिला है।
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वर्ष 1973-74 में बनी पत्योरा पंप कैनाल का कायाकल्प न होने से दायरा प्रतिवर्ष सिमटता जा रहा है। पंप कैनाल जनपद की सबसे अधिक 60 क्यूसेक क्षमता की है। रखरखाव व शासन से बजट के अभाव में जर्जर हो चुकी है।
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लघु डाल नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एसके त्रिवेदी ने बताया कि 25 किमी लंबी मुख्य नहर व माइनरों की बेड सीट व जंगल साफ सफाई पर मनरेगा से 14 लाख खर्च होंगे। गुरुवार को मुख्य अभियंता लखनऊ विष्णु कुमार व अधीक्षण अभियंता बांदा हामिद उल्ला ने पंप कैनाल का निरीक्षण किया है। उन्होंने मुख्य नहर पर मेन साइफन के पास हुई कटान पर दीवार बनाने के आदेश दिए हैं। इसे जल्द ही शुरू कराया जाएगा। कहा अनुरक्षण मद में मरम्मत, साफ सफाई, मानदेय के लिए प्रतिवर्ष 18 से 20 लाख की धनराशि शासन से मिलती है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग ने यांत्रिक कार्यों के लिए 92 लाख की कार्य योजना बनाई है। इसमें पुराने हो चुके जर्जर पाइपों व पंप सेट को बदला जाना है। सिविल कार्यों का प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2015-16 में पत्योरा व सहुरापुर पंप कैनाल में सीसी लाईनिंग के लिए विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 10 करोड़ 98 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन शासन से आज तक एक भी बजट नहीं मिला है।