{"_id":"623f54091080c10ba81db5c2","slug":"civic-hamirpur-news-knp68765851","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान निधि चाहिए तो केवाईसी कराएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मान निधि चाहिए तो केवाईसी कराएं
विज्ञापन
पचखुरा में केवाईसी को लेकर किसानों को जागरूक करते कृषि विभाग के कर्मचारी
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ़रुआसुमेरपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में केवाईसी अपडेट की तिथि 31 मार्च घोषित कर दी गई है। समय से केवाईसी न कराने वाले पात्र किसानों की सम्मान निधि रुक सकती है। कृषि विभाग किसानों को जागरूक करने में जुटा है।
राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि शनिवार को टेढ़ा, पचखुरा बुजुर्ग, इसूली, पंधरी, पचखुरा खुर्द, मुंडेरा आदि गांवों में किसानों को नए सिरे से केवाईसी के लिए जागरूक किया गया। वहीं तकनीकी सहायक अजित शुक्ला, गजेंद्र सिंह, धीरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि ने अलग-अलग गांवों में किसानों को जानकारी दी।
जनसेवा केंद्रों में वेबसाइड न चलने से किसान परेशान हैं। उन्हें केवाईसी अपडेट कराने के लिए सुबह से शाम तक परेशान होना पड़ रहा है। कस्बे के किसान राकेश तिवारी, भोला सिंह, मनोज पालीवाल, राजेश द्विवेदी, दुलीचंद विश्वकर्मा, राजाराम कुटार, राधेश्याम तिवारी, भोला तिवारी, राजेंद्र मिश्रा आदि ने बताया कि वेबसाइट के न चलने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि केवाईसी की अंतिम तिथि बढ़ाने पर सरकार को गंभीरता के साथ विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि शनिवार को टेढ़ा, पचखुरा बुजुर्ग, इसूली, पंधरी, पचखुरा खुर्द, मुंडेरा आदि गांवों में किसानों को नए सिरे से केवाईसी के लिए जागरूक किया गया। वहीं तकनीकी सहायक अजित शुक्ला, गजेंद्र सिंह, धीरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि ने अलग-अलग गांवों में किसानों को जानकारी दी।
विज्ञापन
जनसेवा केंद्रों में वेबसाइड न चलने से किसान परेशान हैं। उन्हें केवाईसी अपडेट कराने के लिए सुबह से शाम तक परेशान होना पड़ रहा है। कस्बे के किसान राकेश तिवारी, भोला सिंह, मनोज पालीवाल, राजेश द्विवेदी, दुलीचंद विश्वकर्मा, राजाराम कुटार, राधेश्याम तिवारी, भोला तिवारी, राजेंद्र मिश्रा आदि ने बताया कि वेबसाइट के न चलने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि केवाईसी की अंतिम तिथि बढ़ाने पर सरकार को गंभीरता के साथ विचार करना चाहिए।
विज्ञापन