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गंदे तालाबों का पानी साफ करेंगी कंबोडिया मछली, ब्लाक के 14 गंदे तालाबों को चयनित कर डाला गया बीज
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भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। तालाबों की गंदगी साफ कर पानी को स्वच्छ बनाने के लिए ब्लॉक की एक दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों के तालाबों को चिह्नित कर कंबोडिया मछली डाली गई है। जिसके पानी में रहने के चार माह बाद तालाबों का गंदा पानी साफ हो जाएगा। जिसके बाद पानी प्रयोग में आने योग्य हो जाएगा।
विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुंडौरा, बांकी, पलरा, चंदपुरवा बुजुर्ग, बिलहडी, सौखर, हेलापुर, चंदौखी आदि गांव के चौदह गंदे तालाबों को चिह्नित कर मत्स्य विभाग की ओर से कंबोडिया मछलियां मुहैया कराई गईं हैं। विशेष प्रजाति की यह मछली तालाबों की गंदगी को साफ करती हैं। इसके चार माह तक पानी में रहने के बाद तालाबों का गंदा पानी साफ हो जाएगा। जिस पानी को लोग गंदगी की वजह से अभी छूना भी नहीं पसंद करते।
वही पानी कुछ दिनों के बाद उपयोग में आने लगेगा। एडीओ पंचायत सत्यप्रकाश गुप्ता ने बताया एक तालाब में करीब 400 मछलियों का बीज डाला गया है। जिन तालाबों का रकबा कम है उनमें कम बीज डाला गया है। तालाबों में मत्स्य आखेट न हो इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपी गई है। तालाबों में मछली डालने का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस मछली में विशेषता यह है कि इसको अलग से दाना देने की जरूरत नहीं पड़ती है। यह तालाब में उत्पन्न हुई गंदगी को खाकर अपना पेट भर लेतीं हैं। इसी वजह से तालाबों में उत्पन्न हुई गंदगी कुछ महीनों में समाप्त कर देती हैं।
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पंचायत विभाग एवं मत्स्य विभाग की यह पहल तालाबों की गंदगी साफ करने में कितनी सहायक होगी यह तो अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस तरह का दावा किया जा रहा है, अगर यह सच साबित हुआ तो निश्चित है इसके परिणाम ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होंगे। ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश कुमार यादव ने कहा अगर सरकार की यह योजना धरातल में साकार हो गई तो यह ग्रामीणों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और लोगों को गंदे पानी से भरे तालाब के पानी का उपयोग करने का सुनहरा मौका मिलेगा।
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विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुंडौरा, बांकी, पलरा, चंदपुरवा बुजुर्ग, बिलहडी, सौखर, हेलापुर, चंदौखी आदि गांव के चौदह गंदे तालाबों को चिह्नित कर मत्स्य विभाग की ओर से कंबोडिया मछलियां मुहैया कराई गईं हैं। विशेष प्रजाति की यह मछली तालाबों की गंदगी को साफ करती हैं। इसके चार माह तक पानी में रहने के बाद तालाबों का गंदा पानी साफ हो जाएगा। जिस पानी को लोग गंदगी की वजह से अभी छूना भी नहीं पसंद करते।
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वही पानी कुछ दिनों के बाद उपयोग में आने लगेगा। एडीओ पंचायत सत्यप्रकाश गुप्ता ने बताया एक तालाब में करीब 400 मछलियों का बीज डाला गया है। जिन तालाबों का रकबा कम है उनमें कम बीज डाला गया है। तालाबों में मत्स्य आखेट न हो इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपी गई है। तालाबों में मछली डालने का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस मछली में विशेषता यह है कि इसको अलग से दाना देने की जरूरत नहीं पड़ती है। यह तालाब में उत्पन्न हुई गंदगी को खाकर अपना पेट भर लेतीं हैं। इसी वजह से तालाबों में उत्पन्न हुई गंदगी कुछ महीनों में समाप्त कर देती हैं।
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पंचायत विभाग एवं मत्स्य विभाग की यह पहल तालाबों की गंदगी साफ करने में कितनी सहायक होगी यह तो अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस तरह का दावा किया जा रहा है, अगर यह सच साबित हुआ तो निश्चित है इसके परिणाम ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होंगे। ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश कुमार यादव ने कहा अगर सरकार की यह योजना धरातल में साकार हो गई तो यह ग्रामीणों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और लोगों को गंदे पानी से भरे तालाब के पानी का उपयोग करने का सुनहरा मौका मिलेगा।