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मूलभूत सुविधाओं से अछूता है पत्योरा, रोजगार के साधन न होने पर युवा कर रहे पलायन

Sat, 01 Aug 2020 10:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 10:30 PM IST
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पत्योरा गांव के वार्ड 13 में भरा गंदा पानी। - फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। शहर से महज 20 किमी दूर यमुना पट्टी में बसे पत्योरा गांव विकास से अछूता है। देखा जाए तो तमाम लोग सरकारी नौकरियों में हैं। इस गांव से स्वास्थ्य महानिदेशक, एसएसपी तक निकले हैं। मौजूदा में फतेहपुर से सांसद, केंद्रीय ग्राम्य विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति हैं। मगर इस गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश में लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था भी धड़ाम है। रोजगार के साधन न होने से ज्यादातर युवा गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि शहरों में जाने को मजबूर हैं।
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बतादें गांव की जनसंख्या करीब 10 हजार है। जिसमें करीब 3200 मतदाता 15 वार्डों में विभाजित हैं। कई मजरे मुच्छीताला, मलिहाताला, शिवरामपुर, बलिया बखरी, कंचनपुरा व विज्ञानपुरा हैं। वार्ड-13 के ग्राम पंचायत सदस्य कल्याण सिंह ने बताया वह लगातार तीसरी बार निर्विरोध सदस्य बने हैं। कहा उनके वार्ड के रास्ते कीचड़ व दलदल से भरे हैं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी व घरों का गंदा पानी रास्ते पर जमा होता है।
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मजरा मुच्छीताला निवासी श्रीकृष्ण निषाद ने बताया पूरे मजरे में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत से दो बार नाली बनी, लेकिन धन की बर्बादी हुई। गहराई व चौड़ाई न होने से पूरी नाली पट चुकी है। जलसंस्थान की एकल पेयजल योजना से करीब एक हजार आबादी को साफ पानी मिलता है। करीब एक सैकड़ा हैंडपंप हैं। जिसमें आधा दर्जन हैंडपंप रिबोर को व आधा दर्जन मरम्मत कार्य के लिए पड़े हैं। गांव में करीब दो दर्जन प्राचीन कुएं भी हैं। जिनमें वर्षों से सफाई नहीं हुई है। ज्यादातर सूख चुके हैं।
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29 वर्ष बाद भी स्वास्थ्य केंद्र बदहाल
रामदयाल संखवार ने बताया स्वास्थ्य महानिदेशक रहे गांव के रहने वाले स्व. बच्चीलाल ने नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नींव रखी थी। 5 जून 1989 को प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री बिहारीलाल दोहरे ने इसका शिलान्यास किया था। 1991 में अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। तबसे आज तक भवन का कायाकल्प नहीं हो सका है। एक एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती होने के बाद भी एक वर्ष से पद रिक्त है। एलटी का भी पद दो वर्षों से रिक्त है। मगर सुनवाई नहीं हो रही है।

पत्योरा गांव में राज्य वित्त से 12 लाख 17 हजार 271 रुपये व 14वें वित्त से 38 लाख 866 रुपये नाली, खडंजा व सीसी सड़क निर्माण के लिए आया था। चार्ज लेने के बाद ग्राम पंचायत के कार्यों की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के बाद ही विकास कार्यों पर कुछ कह सकेंगे। -सत्य प्रकाश गुप्ता, एडीओ (पंचायत)
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