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ठप पड़े सरकारी नलकूप
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भरुआसुमेरपुर। पलेवा का समय नजदीक आने के बाद भी इंगोहटा के सरकारी नलकूप ठप पड़े हैं। खराब नलकूपों की जांच करने लखनऊ से आई टीम जिला मुख्यालय से खानापूर्ति कर लौट गई। नलकूप विभाग किसानों की समस्या से बेखबर है।
इंगोहटा के किसानों ने बताया सिंचाई सुविधा के लिए दस राजकीय नलकूप हैं। मगर वर्तमान समय में एक भी नलकूप चालू हालत में नहीं है। 118 व 90 नलकूप कई साल से रिबोर की प्रतीक्षा में हैं। नलकूप नंबर 164, 165, 166 व 212 में विद्युत ट्रांसफार्मर खराब हैं। नलकूप 214 की मोटर खराब है। 330 पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। किसान रमेश सोनकर, शमशाद खान, अशोक मिश्रा, दुलीचंद्र साहू, मुन्ना तिवारी ने बताया 15 दिन पूर्व लखनऊ में सिंचाई विभाग की बैठक में पलेवा के लिए समय से खेतों को पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
लखनऊ से टीम भेजकर खराब पड़े नलकूपों का मौके पर जाकर सर्वे करने के भी निर्देश थे। मगर टीम खराब नलकूपों को इंगोहटा देखने नहीं आई और खानापूर्ति कर लौट गई। अक्तूबर का महीना प्रारंभ होने के बाद भी मरम्मत के नाम पर नलकूपों के पास कोई झांकने नहीं गया है। किसानों का कहना विभाग की लापरवाही को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें पलेवा को पानी ही नहीं मिल पाएगा। इस मामले में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता एसके त्रिवेदी ने कहा अभी वह मीटिंग में है बाद में बात करेंगे।
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इंगोहटा के किसानों ने बताया सिंचाई सुविधा के लिए दस राजकीय नलकूप हैं। मगर वर्तमान समय में एक भी नलकूप चालू हालत में नहीं है। 118 व 90 नलकूप कई साल से रिबोर की प्रतीक्षा में हैं। नलकूप नंबर 164, 165, 166 व 212 में विद्युत ट्रांसफार्मर खराब हैं। नलकूप 214 की मोटर खराब है। 330 पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। किसान रमेश सोनकर, शमशाद खान, अशोक मिश्रा, दुलीचंद्र साहू, मुन्ना तिवारी ने बताया 15 दिन पूर्व लखनऊ में सिंचाई विभाग की बैठक में पलेवा के लिए समय से खेतों को पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
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लखनऊ से टीम भेजकर खराब पड़े नलकूपों का मौके पर जाकर सर्वे करने के भी निर्देश थे। मगर टीम खराब नलकूपों को इंगोहटा देखने नहीं आई और खानापूर्ति कर लौट गई। अक्तूबर का महीना प्रारंभ होने के बाद भी मरम्मत के नाम पर नलकूपों के पास कोई झांकने नहीं गया है। किसानों का कहना विभाग की लापरवाही को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें पलेवा को पानी ही नहीं मिल पाएगा। इस मामले में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता एसके त्रिवेदी ने कहा अभी वह मीटिंग में है बाद में बात करेंगे।
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