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बुखार से बच्चे की मौत, कई गंभीर
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:40 AM IST
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मौदहा सीएचसी के वार्ड में भरे बेड।
- फोटो : अमर उजाला
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सरीला क्षेत्र के बंधौली गांव में वायरल बुखार तेजी से बढ़ रहा है। एक सैकड़ा से अधिक लोग इसकी चपेट में है। बुखार से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। आधा दर्जन से अधिक मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी ले जाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद स्वास्थ्य विभाग टीम नहीं भेज रहा है।
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क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। दर्जनों गांव इसकी चपेट में है। भेड़ी, जलालपुर, धौहल, अतरौली, धगवा के बाद बुखार का प्रकोप बंधौली गांव में तेजी से बढ़ रहा है। हर घर में दो चार लोग पीड़ित हैं। रविवार को इलाज के लिए झांसी ले जाते समय टेकचंद्र के तीन वर्षीय बेटे राकेश की मौत हो गई है।
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जबकि तुलाराम (27), नंदी राजपूत (46), निशा (5), महिपाल (40), शिव प्रसाद (70), महबूब (28) की हालत गंभीर होने पर झांसी के मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। गांव में रोशनी (15), माना (48), रश्मि (16), बबली (12), अनामिका (9), ललित (7), जियालाल (25), हक्का (22), गोविंदा (50), राजेश (32) सहित एक सैकड़ा से अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं।
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गांव के रामबाबू, केशव प्रधान, रामशरण, दिलीप यादव, राजकुमार व पूर्व प्रधान जयप्रकाश ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। झोलाछाप से ग्रामीण इलाज कराने को मजबूर हैं। गांव की आशा व एएनएम से सीएचसी सरीला सूचना भी भेजी गई है। लेकिन आज तक टीम नहीं आई है। सीएचसी के एमओआईसी डा.अशोक का कहना है कि बंधौली गांव में बुखार फैले होने की सूचना नहीं मिली है। जानकारी करके डाक्टरों की टीम भेजकर पीड़ितों का इलाज कराया जाएगा। सूचना मिलते ही गांवों में टीमें भेजी जा रही हैं।
सरीला क्षेत्र के चंडौत गांव में विचित्र बुखार फैला है। जिसकी चपेट में ज्यादातर बच्चे हैं। गांव के गोटीराम, अर्जुन, महिपाल प्रधान, रामस्वरूप, भूरेलाल आदि ने बताया कि बुखार का प्रकोप सबसे ज्यादा गांव के बच्चों पर है। गांव के लगभग आधा सैकड़ा बच्चे इसकी चपेट में है।
गांव में प्रतीक्षा (4), दीक्षा (3), प्रियंका (7), जिया (3), ज्योति (1) सहित आधा सैकड़ा बच्चे अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि बुखार से ज्यादातर गरीब तबके के बच्चे प्रभावित हैं। गांव के स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ फार्मेसिस्ट की तैनाती है। झोला छाप डाक्टर गांव में आकर पीड़ितों का इलाज कर रहे है। लेकिन सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अब तक यहां कोई टीम नहीं भेजी है।