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Hamirpur News: चिकासी-मोहाना पुल बंद, स्वास्थ्य-शिक्षा व व्यापार होगा प्रभावित
Thu, 05 Feb 2026 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:55 AM IST
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फोटो 04 एचएएमपी 11- बेतवा नदी में स्थिति जर्जर हालत में चिकासी-मोहाना पुल। संवाद
सरीला (हमीरपुर)। जिले के बेतवा नदी में राठ-उरई मार्ग पर स्थित 50 साल पुराना जर्जर चिकासी-मोहाना पुल मरम्मत के लिए आज (बृहस्पतिवार) से 42 दिन के लिए बंद रहेगा। इससे सरीला तहसील क्षेत्र की बड़ी आबादी को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ेगा। इससे स्वास्थ्य-शिक्षा व व्यापार पर भी असर पड़ेगा।
सरीला तहसील के चिकासी गांव स्थित चिकासी-मोहाना पुल हमीरपुर और जालौन जनपद को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। जालौन के डकोर, मोहाना, मकरेछा, कहटा और जैसारी क्षेत्र के लोग इसी पुल से होकर जिले के चिकासी, गोहांड और सरीला आते-जाते थे। पहले चार किलोमीटर की यह दूरी महज 20 से 30 मिनट में तय हो जाती थी, लेकिन पुल बंद होने से अब लोगों को डकोर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चढ़कर पहले राठ के धनोरी उतरना होगा, फिर वहां से गोहांड और चिकासी की ओर जाना पड़ेगा। इस मार्ग से यात्रा करने पर 20 से 60 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। इससे सरीला और गोहांड क्षेत्र के चिकासी, बरौली, रिहुंटा, मंगरौल, अतरा, हरदुआ, बडेरा, मझगवां, बिरहट, इसलामपुर, घुरौली, चंदवारी, चुरहा, शिकरौधा सहित करीब 50 गांवों की आबादी प्रभावित होगी।
बता दें कि इन गांवों के लोगों का उरई शहर से नियमित आवागमन है। शिक्षा, इलाज, नौकरी और व्यापार से जुड़े अधिकांश काम से लोग रोजाना आवागमन करते हैं। वहीं, मौरंग कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पुल बंद होने से बेतवा व धसान नदी से संचालित मौरंग खंड घटयारी, खरवांच, देवरी, टोला, चिकासी खंड सीधे प्रभावित होंगे। यहां से रोजाना 500 से अधिक ट्रकों का आवागमन बंद हो जाएगा। राजस्व पर भी असर पड़ना तय है।
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एंबुलेंस को लगाना होगा 30 किलोमीटर का चक्कर
सरीला, गोहांड और नौरंगा सीएचसी से गंभीर मरीजों को ज्यादातर उरई मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। पुल बंद होने के बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों को पहले धनोरी जाना पड़ेगा। इससे मरीजों को 20 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटना, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
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फोटो 04 एचएएमपी 13- सत्यम शिवहरे। संवाद
व्यापार और खनन को झटका
व्यापारी सत्यम शिवहरे ने बताया कि ज्यादातर थोक माल उरई से ही आता है। पुल बंद होने से जो सामान 60 किलोमीटर में सरीला पहुंच जाता था। अब उसे लाने में 90 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे भाड़ा करीब 20 फीसदी बढ़ जाएगा। महंगाई बढ़ने से इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा।
वैकल्पिक मार्गों से बरात ले जाने में बढ़ेगा अतिरिक्त खर्च
चिकासी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामपाल राजपूत कहते हैं कि आसपास के गांवों में कई शादियां तय हैं। कुछ बारातें आनी हैं और कुछ जानी हैं। 40 दिन पुल बंद रहना बहुत लंबी अवधि है। वैकल्पिक मार्गों से बारात ले जाने में अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। चिकासी और आसपास के करीब 50 गांवों के लोग उरई पर निर्भर हैं।
ईसू राजपूत ने कहा कि चिकासी–मोहाना पुल बंद होने से क्षेत्र के करीब 50 गांव प्रभावित होंगे। उरई जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और बीमारों के लिए स्थिति गंभीर हो जाएगी। हमारे क्षेत्र के लोग शादी-विवाह, बाजार और मंडी के लिए उरई पर निर्भर हैं। यदि मरम्मत का काम जून के बाद होता, तो दूसरा पुल बन जाता और लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
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बोर्ड परीक्षार्थी परेशान, तलाश रहे कमरा
परीक्षा तैयारी होगी प्रभावित
जनपद जालौन के कहटा-जैसारी निवासी नंदिनी, मनीषी, अक्षरा, नैनशी, राधा और सोनम ने बताया कि वह लोग रोजाना हमीरपुर जनपद के चिकासी स्थिति स्कूल आती हैं। पुल बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। चिकासी में ही कमरे की तलाश कर रही हैं।
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पुल बंद होना छात्रों के लिए बड़ी समस्या
पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज के व्यवस्थापक अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद जालौन से सैकड़ों छात्र चिकासी के स्कूलों में पढ़ते हैं। परीक्षा के समय पुल बंद होना छात्रों के लिए बड़ी समस्या है। पहले उरई आना-जाना आसान था। अब लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। रोजाना सफर करने वालों के लिए समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
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जनपद में टोला और चिकासी क्षेत्र में तीन खंड संचालित हैं। यहां रोजाना सैकड़ों ट्रक आते हैं। पुल बंद होने से यह परिवहन जालौन जनपद के पास के खंड में शिफ्ट हो सकता है। इससे जनपद के राजस्व को नुकसान होगा।
- उमाकांत, खनन इंस्पेक्टर।
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वर्जन:
पांच फरवरी से चिकासी-मोहाना पुल को 42 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। इस दौरान पुल पर सीसी वेयरिंग, वेयरिंग कोट, रेलिंग रिपेयरिंग, पिचिंग और रंगाई-पुताई जैसे कार्य कराए जाएंगे। पुल बंद होने से पहले सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और उरई जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
- दृगपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि खंड-दो।
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सरीला तहसील के चिकासी गांव स्थित चिकासी-मोहाना पुल हमीरपुर और जालौन जनपद को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। जालौन के डकोर, मोहाना, मकरेछा, कहटा और जैसारी क्षेत्र के लोग इसी पुल से होकर जिले के चिकासी, गोहांड और सरीला आते-जाते थे। पहले चार किलोमीटर की यह दूरी महज 20 से 30 मिनट में तय हो जाती थी, लेकिन पुल बंद होने से अब लोगों को डकोर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चढ़कर पहले राठ के धनोरी उतरना होगा, फिर वहां से गोहांड और चिकासी की ओर जाना पड़ेगा। इस मार्ग से यात्रा करने पर 20 से 60 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। इससे सरीला और गोहांड क्षेत्र के चिकासी, बरौली, रिहुंटा, मंगरौल, अतरा, हरदुआ, बडेरा, मझगवां, बिरहट, इसलामपुर, घुरौली, चंदवारी, चुरहा, शिकरौधा सहित करीब 50 गांवों की आबादी प्रभावित होगी।
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बता दें कि इन गांवों के लोगों का उरई शहर से नियमित आवागमन है। शिक्षा, इलाज, नौकरी और व्यापार से जुड़े अधिकांश काम से लोग रोजाना आवागमन करते हैं। वहीं, मौरंग कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पुल बंद होने से बेतवा व धसान नदी से संचालित मौरंग खंड घटयारी, खरवांच, देवरी, टोला, चिकासी खंड सीधे प्रभावित होंगे। यहां से रोजाना 500 से अधिक ट्रकों का आवागमन बंद हो जाएगा। राजस्व पर भी असर पड़ना तय है।
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एंबुलेंस को लगाना होगा 30 किलोमीटर का चक्कर
सरीला, गोहांड और नौरंगा सीएचसी से गंभीर मरीजों को ज्यादातर उरई मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। पुल बंद होने के बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों को पहले धनोरी जाना पड़ेगा। इससे मरीजों को 20 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटना, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
फोटो 04 एचएएमपी 13- सत्यम शिवहरे। संवाद
व्यापार और खनन को झटका
व्यापारी सत्यम शिवहरे ने बताया कि ज्यादातर थोक माल उरई से ही आता है। पुल बंद होने से जो सामान 60 किलोमीटर में सरीला पहुंच जाता था। अब उसे लाने में 90 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे भाड़ा करीब 20 फीसदी बढ़ जाएगा। महंगाई बढ़ने से इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा।
वैकल्पिक मार्गों से बरात ले जाने में बढ़ेगा अतिरिक्त खर्च
चिकासी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामपाल राजपूत कहते हैं कि आसपास के गांवों में कई शादियां तय हैं। कुछ बारातें आनी हैं और कुछ जानी हैं। 40 दिन पुल बंद रहना बहुत लंबी अवधि है। वैकल्पिक मार्गों से बारात ले जाने में अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। चिकासी और आसपास के करीब 50 गांवों के लोग उरई पर निर्भर हैं।
ईसू राजपूत ने कहा कि चिकासी–मोहाना पुल बंद होने से क्षेत्र के करीब 50 गांव प्रभावित होंगे। उरई जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और बीमारों के लिए स्थिति गंभीर हो जाएगी। हमारे क्षेत्र के लोग शादी-विवाह, बाजार और मंडी के लिए उरई पर निर्भर हैं। यदि मरम्मत का काम जून के बाद होता, तो दूसरा पुल बन जाता और लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
बोर्ड परीक्षार्थी परेशान, तलाश रहे कमरा
परीक्षा तैयारी होगी प्रभावित
जनपद जालौन के कहटा-जैसारी निवासी नंदिनी, मनीषी, अक्षरा, नैनशी, राधा और सोनम ने बताया कि वह लोग रोजाना हमीरपुर जनपद के चिकासी स्थिति स्कूल आती हैं। पुल बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। चिकासी में ही कमरे की तलाश कर रही हैं।
पुल बंद होना छात्रों के लिए बड़ी समस्या
पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज के व्यवस्थापक अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद जालौन से सैकड़ों छात्र चिकासी के स्कूलों में पढ़ते हैं। परीक्षा के समय पुल बंद होना छात्रों के लिए बड़ी समस्या है। पहले उरई आना-जाना आसान था। अब लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। रोजाना सफर करने वालों के लिए समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
जनपद में टोला और चिकासी क्षेत्र में तीन खंड संचालित हैं। यहां रोजाना सैकड़ों ट्रक आते हैं। पुल बंद होने से यह परिवहन जालौन जनपद के पास के खंड में शिफ्ट हो सकता है। इससे जनपद के राजस्व को नुकसान होगा।
- उमाकांत, खनन इंस्पेक्टर।
वर्जन:
पांच फरवरी से चिकासी-मोहाना पुल को 42 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। इस दौरान पुल पर सीसी वेयरिंग, वेयरिंग कोट, रेलिंग रिपेयरिंग, पिचिंग और रंगाई-पुताई जैसे कार्य कराए जाएंगे। पुल बंद होने से पहले सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और उरई जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
- दृगपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि खंड-दो।

फोटो 04 एचएएमपी 11- बेतवा नदी में स्थिति जर्जर हालत में चिकासी-मोहाना पुल। संवाद