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बीएसएफ जवान को हवालात में बंदकर पीटा, कोतवाल, पांच दरोगा व पांच सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
Fri, 22 Jan 2021 10:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Jan 2021 10:05 PM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर के मौदहा कस्बे में 25 सितंबर 2020 की रात बीएसएफ जवान को हवालात में बंद कर फर्जी मुकदमा दर्ज करने व मारपीट के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने कोतवाल, पांच दरोगा व पांच सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। सीजेएम ने यह आदेश 20 जनवरी को किया है।
कोर्ट के इस आदेश के बाद मौदहा कोतवाली में हड़कंप मचा है। हालांकि बीएसएफ जवान के साथ हुई मारपीट में एसपी स्तर पर एक दरोगा पर निलंबन की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। मौदहा कस्बा स्थित हुसैनिया मोहल्ला निवासी रमजान ने तीन दिसंबर 2020 को सीजेएम की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा था कि उनका पुत्र मोहम्मद शाहिद उर्फ छोटू बीएसएफ जवान है और दिल्ली में तैनात है।
बीते साल 19 सितंबर को छुट्टी मिलने पर वह अगले दिन घर आया था। छुट्टी के दौरान पास के गांव निवासी ट्रक मालिकों ने बेटे को बताया कि पुलिस चालान का भय दिखाकर उनसे अवैध वसूली कर रही है। रास्ते में पुलिस के गुर्गे खनिज विभाग व तहसील का कर्मचारी बताकर फोटो खिंचवाकर पैसा मांगते हैं। इस पर उनके फौजी बेटे ने 24 सितंबर को सीओ व तहसीलदार से शिकायत की तो उन लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
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कोर्ट के इस आदेश के बाद मौदहा कोतवाली में हड़कंप मचा है। हालांकि बीएसएफ जवान के साथ हुई मारपीट में एसपी स्तर पर एक दरोगा पर निलंबन की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। मौदहा कस्बा स्थित हुसैनिया मोहल्ला निवासी रमजान ने तीन दिसंबर 2020 को सीजेएम की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा था कि उनका पुत्र मोहम्मद शाहिद उर्फ छोटू बीएसएफ जवान है और दिल्ली में तैनात है।
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बीते साल 19 सितंबर को छुट्टी मिलने पर वह अगले दिन घर आया था। छुट्टी के दौरान पास के गांव निवासी ट्रक मालिकों ने बेटे को बताया कि पुलिस चालान का भय दिखाकर उनसे अवैध वसूली कर रही है। रास्ते में पुलिस के गुर्गे खनिज विभाग व तहसील का कर्मचारी बताकर फोटो खिंचवाकर पैसा मांगते हैं। इस पर उनके फौजी बेटे ने 24 सितंबर को सीओ व तहसीलदार से शिकायत की तो उन लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
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इससे क्षुब्ध होकर बेटे ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से अवैध वसूली की शिकायत की। डीजीपी व डीआईजी ने इसे गंभीरता से लिया और गोपनीय जांच कराई। जांच की जानकारी होने पर कोतवाली के दरोगा गुलाब सिंह कई पुलिस कर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे। बेटे पर माफीनामा लिखवाने का दबाव बनाया। इनकार करने पर झूठे मामले में फंसा देने की धमकी देकर चले गए।
कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में पीड़ित पिता रमजान ने कहा है कि 25 सितंबर की रात मौदहा कोतवाली पुलिस उनके घर पहुंची। जबरदस्ती घर का दरवाजा खुलवाकर मो.शाहिद को कोतवाली ले जाकर हवालात में बंद कर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। बाद में कोतवाली पहुंची उनकी बहू तनवीरजहां व छोटे बेटे अहमद हसन को भगा दिया।
अगले दिन 26 सितंबर को सिपाही आशीष कुमार सीएचसी से मेडिकल कराने के बाद कोर्ट लेकर जा रहेे थे। तभी दरोगा गुलाब सिंह सहित अन्य ने रोक लिया और बेटे को लात-घूंसों, डंडों से मारपीट कर बेहोश कर दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर भी उस समय वहां मौजूद थे। इस मामले में एसपी ने 27 सितंबर को दरोगा गुलाब सिंह को निलंबित कर दिया था।
इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली इंस्पेक्टर, दरोगा गुलाब सिंह, देवीदीन, जुबेर खान, देवेंद्र कुमार, मोहम्मद तौफीक अहमद तथा सिपाही राजेंद्र प्रसाद सरोज, संदीप मिश्रा, राहुल कुमार, अमित सिंह और रनवीर सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। उधर, कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला का कहना है कि कोर्ट का आदेश अभी उन्हें नहीं मिला है।
कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में पीड़ित पिता रमजान ने कहा है कि 25 सितंबर की रात मौदहा कोतवाली पुलिस उनके घर पहुंची। जबरदस्ती घर का दरवाजा खुलवाकर मो.शाहिद को कोतवाली ले जाकर हवालात में बंद कर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। बाद में कोतवाली पहुंची उनकी बहू तनवीरजहां व छोटे बेटे अहमद हसन को भगा दिया।
अगले दिन 26 सितंबर को सिपाही आशीष कुमार सीएचसी से मेडिकल कराने के बाद कोर्ट लेकर जा रहेे थे। तभी दरोगा गुलाब सिंह सहित अन्य ने रोक लिया और बेटे को लात-घूंसों, डंडों से मारपीट कर बेहोश कर दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर भी उस समय वहां मौजूद थे। इस मामले में एसपी ने 27 सितंबर को दरोगा गुलाब सिंह को निलंबित कर दिया था।
इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली इंस्पेक्टर, दरोगा गुलाब सिंह, देवीदीन, जुबेर खान, देवेंद्र कुमार, मोहम्मद तौफीक अहमद तथा सिपाही राजेंद्र प्रसाद सरोज, संदीप मिश्रा, राहुल कुमार, अमित सिंह और रनवीर सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। उधर, कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला का कहना है कि कोर्ट का आदेश अभी उन्हें नहीं मिला है।