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Hamirpur News: बरसे बदरा, मुरझाती फसलों को मिली मिली संजीवनी
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हमीरपुर/कुरारा। गुरुवार को शाम करीब पांच बजे शहर में आधा घंटा बारिश हुई। पिछले दस दिनों से बारिश न हाेने से धान, ज्वार, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन आदि फसलें सूखने लगी थी। वहीं आज बारिश होने से फसलों को संजीवनी मिल गई। जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे। साथ ही लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक सदर तहसील में 13 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
कुरारा
संवाद के अनुसार क्षेत्र में एक घंटे रिमझिम बरसात से खरीफ फसलों को फायदा हुआ है। रिठारी गांव निवासी किसान राजू सिंह ने बताया कि पिछले करीब 10 दिनों से बारिश न होने से तिल, उड़द, मूंग, ज्वार, मूंगफली, सोयाबीन की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। जखेला गांव निवासी किसान जयराम प्रजापति ने बताया कि पांच बीघा में बोई धान की फसल को गुरुवार को हुई बारिश से कुछ राहत मिली है। शुरुआती दौर में ज्यादा बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई नहीं हो सकी थी। किसानों ने धान की फसल बड़े पैमाने पर बोई थी। भरुआसुमेरपुर
संवाद के मुुताबिक टेढ़ा गांव निवासी किसान सौरभ सिंह ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल निजी नलकूपों पर ही निर्भर है। शासन से किसानों को दस घंटे बिजली देने की आदेश के चलते यह समय कम पड़ रहा है। वहीं विदोखर के किसान परशुराम यादव ने कहा कि धान के सीजन में बिजली आपूर्ति का समय बढ़ाया जाए।
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कुरारा
संवाद के अनुसार क्षेत्र में एक घंटे रिमझिम बरसात से खरीफ फसलों को फायदा हुआ है। रिठारी गांव निवासी किसान राजू सिंह ने बताया कि पिछले करीब 10 दिनों से बारिश न होने से तिल, उड़द, मूंग, ज्वार, मूंगफली, सोयाबीन की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। जखेला गांव निवासी किसान जयराम प्रजापति ने बताया कि पांच बीघा में बोई धान की फसल को गुरुवार को हुई बारिश से कुछ राहत मिली है। शुरुआती दौर में ज्यादा बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई नहीं हो सकी थी। किसानों ने धान की फसल बड़े पैमाने पर बोई थी। भरुआसुमेरपुर
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संवाद के मुुताबिक टेढ़ा गांव निवासी किसान सौरभ सिंह ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल निजी नलकूपों पर ही निर्भर है। शासन से किसानों को दस घंटे बिजली देने की आदेश के चलते यह समय कम पड़ रहा है। वहीं विदोखर के किसान परशुराम यादव ने कहा कि धान के सीजन में बिजली आपूर्ति का समय बढ़ाया जाए।
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