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मांगें मनवाने को आशा बहुओं ने हाइवे किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:22 AM IST
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मौदहा में हाइवे को जाम किए आशा बहुए।
- फोटो : अमर उजाला
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आशा बहुओं ने बुधवार को प्रदर्शन करते हुए कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर मौके में पहुंचे उप जिलाधिकारी किशोर गुप्ता व क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां ने किसी तरह समझा बुझाकर यह जाम खत्म कराया। इस मौके पर आशा बहुओं एवं संगिनी ने जमकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की और अपनी मांगों का ज्ञापन उप जिलाधिकारी को दिया।
आशा बहुओं व संगिनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार के साथ धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को ये महिलाकर्मी नारेबाजी करते हुए अस्पताल से लेकर मुख्य मार्ग होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के बड़ा चौराहा पहुंच गई और यहां जाम लगा दिया। इस दौरान दोनों ओर से आने जाने वाले वाहन रुक गए। महिलाएं किसी भी दशा मे यहां से हटने को तैयार नहीं थी। जब उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी वहां पहुंचे तब उनका ज्ञापन लेकर शासन तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए जाम हटवाया।
इस दौरान लगभग आधे घंटे तक दोनों ओर से आवागमन ठप रहा। संगठन की जिलाध्यक्ष भागवती पांडेय, सुनीता देवी, नजमा, अकीला, लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं। सरकार पर आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। मांगो में मुख्य रूप से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, दो हजार रुपये मानदेय व स्वास्थ्य सुविधा तथा बीमा योजना का लाभ देने, यात्रा भत्ता, मोबाइल खर्च, एक हजार रुपये ड्रेस के लिए सहित ठहरने का उचित प्रबंध करने की मांग शामिल है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मियों सहित इनकी हड़ताल के चलते इस समय अस्पताल में मरीजो की देखरेख तथा अन्य कार्यो में दिक्कते पैदा हो रही है। जहां एक ओर बड़ी संख्या में संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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आशा बहुओं व संगिनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार के साथ धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को ये महिलाकर्मी नारेबाजी करते हुए अस्पताल से लेकर मुख्य मार्ग होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के बड़ा चौराहा पहुंच गई और यहां जाम लगा दिया। इस दौरान दोनों ओर से आने जाने वाले वाहन रुक गए। महिलाएं किसी भी दशा मे यहां से हटने को तैयार नहीं थी। जब उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी वहां पहुंचे तब उनका ज्ञापन लेकर शासन तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए जाम हटवाया।
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इस दौरान लगभग आधे घंटे तक दोनों ओर से आवागमन ठप रहा। संगठन की जिलाध्यक्ष भागवती पांडेय, सुनीता देवी, नजमा, अकीला, लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं। सरकार पर आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। मांगो में मुख्य रूप से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, दो हजार रुपये मानदेय व स्वास्थ्य सुविधा तथा बीमा योजना का लाभ देने, यात्रा भत्ता, मोबाइल खर्च, एक हजार रुपये ड्रेस के लिए सहित ठहरने का उचित प्रबंध करने की मांग शामिल है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मियों सहित इनकी हड़ताल के चलते इस समय अस्पताल में मरीजो की देखरेख तथा अन्य कार्यो में दिक्कते पैदा हो रही है। जहां एक ओर बड़ी संख्या में संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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