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Hamirpur News: प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप, हंगामा बढ़ने पर अस्पताल स्टाफ छोड़कर भागा
Sat, 25 Oct 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:00 AM IST
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मौदहा (हमीपुर)। मौदहा नगर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही का मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने जच्चा-बच्चा की जिंदगी से खिलवाड़ किया, वहीं हंगामा बढ़ने पर अस्पताल स्टाफ मौके से भाग खड़ा हुआ।
सुमेरपुर निवासी सौम्या शर्मा (25) पत्नी पंकज शर्मा को शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा के चलते नगर के बड़ा चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पंकज के भाई सौरभ शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सक ने प्रसव की स्थिति सामान्य बताई थी, जिससे परिवार निश्चिंत हो गया।सौरभ के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे प्रसव के दौरान चिकित्सक डॉ. अंशू मिश्रा ने अचानक महिला की हालत बिगड़ने की बात कहकर ऑपरेशन का दबाव बनाया और कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए। ऑपरेशन के बाद महिला को पुत्र हुआ, लेकिन बच्चा रो नहीं रहा था। यह देखकर अस्पताल की ओर से उसे रेफर करने की बात कही गई, पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई और निजी वाहन से ले जाने को कहा गया। सौरभ शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने इस घटना की वीडियो बनानी चाही तो अस्पताल कर्मियों ने अभद्रता की। हंगामा बढ़ने पर स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग निकला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं चिकित्सक डॉ. अंशू मिश्रा ने सफाई देते हुए कहा कि गर्भवती महिला की हालत पहले से गंभीर थी। परिजनों के बार-बार सर्जरी से इनकार करने से देरी हुई, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी। परिजनों के हंगामे को देखते हुए मरीज को कानपुर रेफर किया गया।
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सुमेरपुर निवासी सौम्या शर्मा (25) पत्नी पंकज शर्मा को शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा के चलते नगर के बड़ा चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पंकज के भाई सौरभ शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सक ने प्रसव की स्थिति सामान्य बताई थी, जिससे परिवार निश्चिंत हो गया।सौरभ के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे प्रसव के दौरान चिकित्सक डॉ. अंशू मिश्रा ने अचानक महिला की हालत बिगड़ने की बात कहकर ऑपरेशन का दबाव बनाया और कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए। ऑपरेशन के बाद महिला को पुत्र हुआ, लेकिन बच्चा रो नहीं रहा था। यह देखकर अस्पताल की ओर से उसे रेफर करने की बात कही गई, पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई और निजी वाहन से ले जाने को कहा गया। सौरभ शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने इस घटना की वीडियो बनानी चाही तो अस्पताल कर्मियों ने अभद्रता की। हंगामा बढ़ने पर स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग निकला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं चिकित्सक डॉ. अंशू मिश्रा ने सफाई देते हुए कहा कि गर्भवती महिला की हालत पहले से गंभीर थी। परिजनों के बार-बार सर्जरी से इनकार करने से देरी हुई, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी। परिजनों के हंगामे को देखते हुए मरीज को कानपुर रेफर किया गया।
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