{"_id":"642dc4d82f19e3fe6b0339f4","slug":"administration-could-not-give-certificate-of-absence-of-cattle-hamirpur-news-c-12-1-164951-2023-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: अन्ना गोवंश नही होने का प्रमाणपत्र नहीं दे सका प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: अन्ना गोवंश नही होने का प्रमाणपत्र नहीं दे सका प्रशासन
Thu, 06 Apr 2023 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:28 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। जिले में कोई अन्ना गोवंश न होने का प्रमाणपत्र निधारित तिथि तक जिला प्रशासन नहीं दे सका है।
पशु पालन विभाग द्वारा किए गए दावों के अनुसार जिले में 37834 अन्ना गोवंश गोशालाओं में संरक्षित करने का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष जिले में संचालित अस्थाई, स्थाई व कान्हा गोशालाओं में इन्हें संरक्षित किया गया। कुल 330 गोशालाओं में 36858 गोवंश संरक्षित किया गया। साथ ही जिले में कोई अन्ना गोवंश सड़कों पर न घूमने की बात कही गई। इसके बावजूद सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश हादसों का कारण बनते रहे। वहीं बीते दिनों मुख्यमंत्री द्वारा कड़ाई किए जाने के बाद जिला प्रशासन से इसे लेकर प्रमाण पत्र मांगा गया। प्रमाण पत्र 31 मार्च तक देने की तिथि नीयत की गई। लेकिन जिले से अब तक प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सका। पंचायतों व नगरों में जिम्मेदार इन्हें पकड़वाने में जुटे है। जिससे किए जा रहे दावों की पोल खुल गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि सभी बीडीओ व ईओ से इस संबंध में प्रमाणपत्र मांगे गए है। जिनके प्राप्त होते ही जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रमाण पत्र प्रेषित किया जाएगा।
विज्ञापन
पशु पालन विभाग द्वारा किए गए दावों के अनुसार जिले में 37834 अन्ना गोवंश गोशालाओं में संरक्षित करने का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष जिले में संचालित अस्थाई, स्थाई व कान्हा गोशालाओं में इन्हें संरक्षित किया गया। कुल 330 गोशालाओं में 36858 गोवंश संरक्षित किया गया। साथ ही जिले में कोई अन्ना गोवंश सड़कों पर न घूमने की बात कही गई। इसके बावजूद सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश हादसों का कारण बनते रहे। वहीं बीते दिनों मुख्यमंत्री द्वारा कड़ाई किए जाने के बाद जिला प्रशासन से इसे लेकर प्रमाण पत्र मांगा गया। प्रमाण पत्र 31 मार्च तक देने की तिथि नीयत की गई। लेकिन जिले से अब तक प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सका। पंचायतों व नगरों में जिम्मेदार इन्हें पकड़वाने में जुटे है। जिससे किए जा रहे दावों की पोल खुल गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि सभी बीडीओ व ईओ से इस संबंध में प्रमाणपत्र मांगे गए है। जिनके प्राप्त होते ही जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रमाण पत्र प्रेषित किया जाएगा।