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कोरोना से अनाथ हुए 22 बच्चों को आर्थिक मदद देने की कार्रवाई शुरू
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बैठक लेते डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत कोविड से अनाथ बच्चों को आर्थिक, शैक्षिक और अन्य सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। इसमें लेटलतीफी न करें। कहा कि सभी प्रकरणों का सत्यापन कर अनाथ बच्चों को सहायता मुहैया कराई जाए।
जिले में कोरोना से माता या पिता की मृत्यु से अनाथ 22 बच्चों का चिह्नांकन कर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की कार्रवाई प्रशासन ने शुरू कर दी है। बच्चों के सत्यापन के लिए प्रोवेशन विभाग ने खंड विकास अधिकारियों व संबंधित एसडीएम को पत्र लिखा है। योजना के तहत ऐसे प्रत्येक बच्चे जिनकी उम्र 18 साल तक है।
उसे हर माह चार हजार रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, अटल केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा दी जाएगी। लाभ पाने वाले बच्चे के संरक्षक की वार्षिक आय दो लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लड़कियों की शादी के लिए भी धनराशि आवंटन करने का प्रावधान किया गया है।
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जिला प्रोवेशन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि शासन से जो गाइड लाइन आई है। उसी के अनुसार काम किया जाएगा। बताया कि 22 बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिसमें 14 बच्चों का सत्यापन हो चुका है। अन्य का सत्यापन हो रहा है।
कहा कि ऐसे परिवार जिनके बच्चे अनाथ हो गए हैं, मगर उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके लिए एक समिति का गठन किया है। बैठक में सीडीओ केके वैश्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत सिंह व अन्य संबंधित मौजूद रहेे।
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जिले में कोरोना से माता या पिता की मृत्यु से अनाथ 22 बच्चों का चिह्नांकन कर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की कार्रवाई प्रशासन ने शुरू कर दी है। बच्चों के सत्यापन के लिए प्रोवेशन विभाग ने खंड विकास अधिकारियों व संबंधित एसडीएम को पत्र लिखा है। योजना के तहत ऐसे प्रत्येक बच्चे जिनकी उम्र 18 साल तक है।
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उसे हर माह चार हजार रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, अटल केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा दी जाएगी। लाभ पाने वाले बच्चे के संरक्षक की वार्षिक आय दो लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लड़कियों की शादी के लिए भी धनराशि आवंटन करने का प्रावधान किया गया है।
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जिला प्रोवेशन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि शासन से जो गाइड लाइन आई है। उसी के अनुसार काम किया जाएगा। बताया कि 22 बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिसमें 14 बच्चों का सत्यापन हो चुका है। अन्य का सत्यापन हो रहा है।
कहा कि ऐसे परिवार जिनके बच्चे अनाथ हो गए हैं, मगर उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके लिए एक समिति का गठन किया है। बैठक में सीडीओ केके वैश्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत सिंह व अन्य संबंधित मौजूद रहेे।