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Hamirpur News: चंद घंटे की जिंदगी... पहचान के लिए 72 घंटे का इंतजार
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हमीरपुर। दुनिया में आने के चंद घंटे बाद ही एक नवजात की जिंदगी खत्म हो गई। समय से उसका अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया। अब उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। शासन की गाइड लाइन के मुताबिक 72 घंटे का इंतजार पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि नवजात के शव को पोस्टमार्टम की मोर्चरी में रखा है। दूसरे दिन बुधवार को कोई अपना कहने वाला सामने नहीं आया। जन्म देने वाली मां का पता लगाने के लिए पुलिस पड़ताल में जुटी है।
जिला अस्पताल में भर्ती वार्ड के महिला शौचालय में मंगलवार की सुबह नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस के पहुंचते ही शव को शौचालय से बाहर निकाला गया। शव को देखकर अनुमान लगाया गया कि चार से पांच घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ होगा। सुबह से लेकर दोपहर तक अस्पताल प्रशासन हलकान रहा। हालांकि सीसीटीवी फुटेज देखे गए हैं। कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। वार्ड में भर्ती मरीजों से लेकर तीमारदारों तक का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं। अस्पताल का भर्ती वार्ड प्रथम तल पर है। वहां तक शव कैसे पहुंचा इसका जवाब अभी पुलिस के पास भी नहीं या फिर जिस पर उन्हें शक है उसका नाम उजागर नहीं करना चाहते।
सूत्रों की मानें तो आशंका जताई जा रही है कि बिन ब्याही के मां बनने की सच्चाई छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया। चर्चा यह भी है कि प्रसव को लेकर भी कोई बड़ा खेल हुआ है। जिम्मेदारों ने प्रसव कराने के लिए सौदा किया है। वह जिम्मेदार कौन है यह स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि चर्चाओं में तो यही है कि अगर अस्पताल के बाहर प्रसव हुआ होता तो फिर कोई अस्पताल के शौचालय तक क्यों जाता। कहीं और भी उसे फेंका जा सकता था। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और हर पहलू की जांच कर रही है। कोतवाल रामआसरे सरोज का कहना है कि शव की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में भर्ती वार्ड के महिला शौचालय में मंगलवार की सुबह नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस के पहुंचते ही शव को शौचालय से बाहर निकाला गया। शव को देखकर अनुमान लगाया गया कि चार से पांच घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ होगा। सुबह से लेकर दोपहर तक अस्पताल प्रशासन हलकान रहा। हालांकि सीसीटीवी फुटेज देखे गए हैं। कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। वार्ड में भर्ती मरीजों से लेकर तीमारदारों तक का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं। अस्पताल का भर्ती वार्ड प्रथम तल पर है। वहां तक शव कैसे पहुंचा इसका जवाब अभी पुलिस के पास भी नहीं या फिर जिस पर उन्हें शक है उसका नाम उजागर नहीं करना चाहते।
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सूत्रों की मानें तो आशंका जताई जा रही है कि बिन ब्याही के मां बनने की सच्चाई छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया। चर्चा यह भी है कि प्रसव को लेकर भी कोई बड़ा खेल हुआ है। जिम्मेदारों ने प्रसव कराने के लिए सौदा किया है। वह जिम्मेदार कौन है यह स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि चर्चाओं में तो यही है कि अगर अस्पताल के बाहर प्रसव हुआ होता तो फिर कोई अस्पताल के शौचालय तक क्यों जाता। कहीं और भी उसे फेंका जा सकता था। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और हर पहलू की जांच कर रही है। कोतवाल रामआसरे सरोज का कहना है कि शव की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
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