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जर्जर सड़कें दलदल में तब्दील, राहगीर बेहाल
Hamirpur
Updated Fri, 12 Sep 2014 05:31 AM IST
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सरीला (हमीरपुर) । शासन- प्रशासन की उदासीनता से तहसील क्षेत्र में आवागमन की बुनियादी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है । आवागमन के संसाधनों की कमी के साथ सड़कों पर रोडवेज बसें भी पर्याप्त संख्या में नहीं चल रहे हैं । इसकी वजह बेतवा से निकलने वाली मौरंग से लदे वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र के ज्यादातर मार्गों का खस्ताहाल होना है । बारिश से खस्ताहाल सड़कों के दलदल में तब्दील होने से राहगीरों के लिए दो कदम चलना भी मुश्किल हो गया है। समस्या से त्रस्त क्षेत्रीय नागरिकों के कई बार गुहार लगाने के बावजूद
कोई सुनवाई नहीं हो रही है । पेश है समस्या की पड़ताल करती रिपोर्ट: चंडौत से खेड़ा-पवई होकर राठ जाने वाली अमगांव सड़क 15 किमी लंबी है। पवई से कछवा तिराहे तक चार किमी डेढ़ फिट तक सड़क धंस गई है। वहीं जरिया से खेड़ा तक आठ किमी लंबी सड़क भी उखड़ने लगी है। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनाई गई थी। लेकिन मरम्मत नहीं होने से सड़क की हालत और बदतर हो गई है। इस सड़क पर कहीं कहीं भारी भरकम गड्ढे होे गए हैं। पवई गांव के महेंद्र राजपूत, डॉ. मानसिंह, शशिकांत और राम गोपाल राजपूत ने बताया ओवर लोड ट्रकों के निकलने से सड़क बेहद जर्जर हो गई है। गांव के अंदर गड़्ढे होने से जल भराव हो रहा है। जलालपुर कुपरा होकर बिवंार जाने बाली सड़क की हालत भी ओवर लोड ट्रकाें की आवाजाही ने बिगाड़ दी है। धौहल तिराहे से जलालपुर तक आठ किमी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। सड़क का अता-पता भी नहीं है। इस सड़क की गिट्टी तक का पता नहीं है। इससे लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है। सड़क पर आए दिन लगने वाले जाम से जलालपुर- इटौरा मार्ग घंटों ठप हो जाता है। धौहल निवासी अमित शुक्ला, मुकेश यादव, तुलसीराम व भेड़ी गांव के अरुण द्विवेदी, जीतू, समरजीत और पंकज ने बताया सड़कों के टूटने से विभाग को भारी क्षति हो रही है। थाना जलालपुर के सामने से ट्रक गुजरते हैं । कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन सड़क की मरम्मत नहीं करा रहा है। क्षेत्र में रिरूवा, बसरिया और चंडौत मौरम खदान हैं। चंडौत गांव के अंदर से होकर मौरंग खदानों के ट्रकों की आवाजाही हो रही है। इसी मार्ग पर चार प्राथमिक स्कूल हैं। सड़क पूरी तरह गड्ढ़ों में तब्दील हो गई है। गांव के अंदर हिचकोले खाते हुए निकलने वाले ट्रक स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। बच्चे ट्रकों के गुजरते ही दहशतजदा हो जाते हैं। गांव के अरविंद, रमेश, ज्ञान सिंह, दिनेश कुमार और राजकुमार ने कहा ट्रकों की आवाजाही दूसरे मार्ग से की जाए ताकि हादसा न हो। तहसील दिवस पर ग्रामीण अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं निकला है।उपजिलाधिकारी, सरीलाआरएस वर्मा ने बताया सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग को लिखा गया है। वहीं ओवरलोड ट्रकाें पर अंकुश लगाने के लिए छापे मारे जा रहे हैं। तमाम ट्रक सीज किए गए हैं। खनिज एवं परिवहन विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा है।
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कोई सुनवाई नहीं हो रही है । पेश है समस्या की पड़ताल करती रिपोर्ट: चंडौत से खेड़ा-पवई होकर राठ जाने वाली अमगांव सड़क 15 किमी लंबी है। पवई से कछवा तिराहे तक चार किमी डेढ़ फिट तक सड़क धंस गई है। वहीं जरिया से खेड़ा तक आठ किमी लंबी सड़क भी उखड़ने लगी है। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनाई गई थी। लेकिन मरम्मत नहीं होने से सड़क की हालत और बदतर हो गई है। इस सड़क पर कहीं कहीं भारी भरकम गड्ढे होे गए हैं। पवई गांव के महेंद्र राजपूत, डॉ. मानसिंह, शशिकांत और राम गोपाल राजपूत ने बताया ओवर लोड ट्रकों के निकलने से सड़क बेहद जर्जर हो गई है। गांव के अंदर गड़्ढे होने से जल भराव हो रहा है। जलालपुर कुपरा होकर बिवंार जाने बाली सड़क की हालत भी ओवर लोड ट्रकाें की आवाजाही ने बिगाड़ दी है। धौहल तिराहे से जलालपुर तक आठ किमी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। सड़क का अता-पता भी नहीं है। इस सड़क की गिट्टी तक का पता नहीं है। इससे लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है। सड़क पर आए दिन लगने वाले जाम से जलालपुर- इटौरा मार्ग घंटों ठप हो जाता है। धौहल निवासी अमित शुक्ला, मुकेश यादव, तुलसीराम व भेड़ी गांव के अरुण द्विवेदी, जीतू, समरजीत और पंकज ने बताया सड़कों के टूटने से विभाग को भारी क्षति हो रही है। थाना जलालपुर के सामने से ट्रक गुजरते हैं । कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन सड़क की मरम्मत नहीं करा रहा है। क्षेत्र में रिरूवा, बसरिया और चंडौत मौरम खदान हैं। चंडौत गांव के अंदर से होकर मौरंग खदानों के ट्रकों की आवाजाही हो रही है। इसी मार्ग पर चार प्राथमिक स्कूल हैं। सड़क पूरी तरह गड्ढ़ों में तब्दील हो गई है। गांव के अंदर हिचकोले खाते हुए निकलने वाले ट्रक स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। बच्चे ट्रकों के गुजरते ही दहशतजदा हो जाते हैं। गांव के अरविंद, रमेश, ज्ञान सिंह, दिनेश कुमार और राजकुमार ने कहा ट्रकों की आवाजाही दूसरे मार्ग से की जाए ताकि हादसा न हो। तहसील दिवस पर ग्रामीण अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं निकला है।उपजिलाधिकारी, सरीलाआरएस वर्मा ने बताया सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग को लिखा गया है। वहीं ओवरलोड ट्रकाें पर अंकुश लगाने के लिए छापे मारे जा रहे हैं। तमाम ट्रक सीज किए गए हैं। खनिज एवं परिवहन विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा है।
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