{"_id":"690f892c9ac8de75640c4192","slug":"90-subsidy-to-small-farmers-for-drip-irrigation-hamirpur-news-c-223-1-hmp1002-132282-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: टपक सिंचाई के लिए छोटे किसानों को 90 फीसदी अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: टपक सिंचाई के लिए छोटे किसानों को 90 फीसदी अनुदान
Sat, 08 Nov 2025 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 08 Nov 2025 11:47 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। उद्यान विभाग में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उठाएं। छोटे किसानों को मिनी स्प्रिंकलर सेट 10 फीसदी अंशदान पर मिल रहा है।
उद्यान विभाग में पंजीकृत छोटे-बड़े किसानों को अनुदान देकर लाभान्वित किया जा रहा है। जिले को 4,870 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य मिला है। इसमें छोटे किसानों को रैनगन व पोर्टेबल स्प्रिंकलर सेट 75 फीसदी अनुदान पर और बड़े किसानों को 65 फीसदी अनुदान पर दिया जा रहा। इसी तरह छोटे किसानों को टपक सिंचाई( ड्रिप) व मिनी स्प्रिंकलर सेट के लिए 10 फीसदी किसान अंश ही जमा करना है, उन्हें 90 फीसदी अनुदान दिया जा रहा। बड़े किसानों को 80 फीसदी अनुदान दिया जा रहा। खास बात यह है कि किसान को सिर्फ अंशदान का ही पैसा देना है।
जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए पहले आओ पहले पाओ की स्कीम है। किसानों को आधार कार्ड, प्रमाणित खतौनी, खसरा, दो फोटो, मोबाइल नंबर और अगर दो हेक्टेयर से कम वाले किसान है तो उन्हें 61ख की नकल देनी पड़ेगी। इसके बाद ही पंजीकृत किसानों के खेत का सर्वे कराया जाता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही चयन होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्यान विभाग में पंजीकृत छोटे-बड़े किसानों को अनुदान देकर लाभान्वित किया जा रहा है। जिले को 4,870 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य मिला है। इसमें छोटे किसानों को रैनगन व पोर्टेबल स्प्रिंकलर सेट 75 फीसदी अनुदान पर और बड़े किसानों को 65 फीसदी अनुदान पर दिया जा रहा। इसी तरह छोटे किसानों को टपक सिंचाई( ड्रिप) व मिनी स्प्रिंकलर सेट के लिए 10 फीसदी किसान अंश ही जमा करना है, उन्हें 90 फीसदी अनुदान दिया जा रहा। बड़े किसानों को 80 फीसदी अनुदान दिया जा रहा। खास बात यह है कि किसान को सिर्फ अंशदान का ही पैसा देना है।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए पहले आओ पहले पाओ की स्कीम है। किसानों को आधार कार्ड, प्रमाणित खतौनी, खसरा, दो फोटो, मोबाइल नंबर और अगर दो हेक्टेयर से कम वाले किसान है तो उन्हें 61ख की नकल देनी पड़ेगी। इसके बाद ही पंजीकृत किसानों के खेत का सर्वे कराया जाता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही चयन होता है।
विज्ञापन