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क्षेत्रीय अस्पताल में दो चिकित्सकों की तैनाती
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में दो चिकित्सकों ने वीरवार को ज्वाइन कर लिया है। इनमें एक निश्चेतक विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ ने कार्यभार संभाला है। दोनों चिकित्सकों के ज्वाइनिंग के बाद क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई हैं। अस्पताल में स्वीकृत 29 चिकित्सकों में से सात चिकित्सकों के पद अभी भी खाली हैं। अस्पताल में कोई भी सर्जन न होने से मरीजों का मर्ज बढ़ गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में एनेस्थिसिया चिकित्सक डॉ. पायल और गायनी चिकित्सक डॉ. शशिकांत ने ज्वाइन किया है। दोनों चिकित्सक टांडा से पीजी करके क्षेत्रीय अस्पताल में आए हैं। फिलहाल दोनों की नियुक्ति अस्थायी रूप से की गई है, लेकिन दोनों के ज्वाइन करने से अस्पताल में कुल चिकित्सकों की संख्या 22 हो गई हैं। गायनी विभाग में पहले तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे थे। जुलाई माह से क्षेत्रीय अस्पताल में कोई सर्जन न होने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वर्तमान में अस्पताल में कोई सर्जन नहीं है। क्षेत्रीय अस्पताल में कार्यरत सर्जन डॉ. अभिषेक ठाकुर पहली जुलाई को हायर स्टडी के लिए पीजीआई चंडीगढ़ चले गए हैं। यहां सर्जन की तीन साल तक स्टडी चलेगी। पहली जुलाई से क्षेत्रीय अस्पताल में सर्जन के सभी पद खाली चल रहे हैं। एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि निश्चेतक विशेषज्ञ और गायनी चिकित्सकों ने अस्थायी रूप से क्षेत्रीय अस्पताल में ज्वाइन किया। अस्पताल में सर्जन के पद रिक्त होने के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया है।
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हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में दो चिकित्सकों ने वीरवार को ज्वाइन कर लिया है। इनमें एक निश्चेतक विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ ने कार्यभार संभाला है। दोनों चिकित्सकों के ज्वाइनिंग के बाद क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई हैं। अस्पताल में स्वीकृत 29 चिकित्सकों में से सात चिकित्सकों के पद अभी भी खाली हैं। अस्पताल में कोई भी सर्जन न होने से मरीजों का मर्ज बढ़ गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में एनेस्थिसिया चिकित्सक डॉ. पायल और गायनी चिकित्सक डॉ. शशिकांत ने ज्वाइन किया है। दोनों चिकित्सक टांडा से पीजी करके क्षेत्रीय अस्पताल में आए हैं। फिलहाल दोनों की नियुक्ति अस्थायी रूप से की गई है, लेकिन दोनों के ज्वाइन करने से अस्पताल में कुल चिकित्सकों की संख्या 22 हो गई हैं। गायनी विभाग में पहले तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे थे। जुलाई माह से क्षेत्रीय अस्पताल में कोई सर्जन न होने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वर्तमान में अस्पताल में कोई सर्जन नहीं है। क्षेत्रीय अस्पताल में कार्यरत सर्जन डॉ. अभिषेक ठाकुर पहली जुलाई को हायर स्टडी के लिए पीजीआई चंडीगढ़ चले गए हैं। यहां सर्जन की तीन साल तक स्टडी चलेगी। पहली जुलाई से क्षेत्रीय अस्पताल में सर्जन के सभी पद खाली चल रहे हैं। एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि निश्चेतक विशेषज्ञ और गायनी चिकित्सकों ने अस्थायी रूप से क्षेत्रीय अस्पताल में ज्वाइन किया। अस्पताल में सर्जन के पद रिक्त होने के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया है।