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सिरे नहीं चढ़ी गोसदन बनाने की योजना
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। पंचायतों में गोसदन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। बड़सर के किसानों की फसलें आवारा पशुओं से बर्बाद हो रही हैं। कई पंचायतों में गोसदन निर्माण के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। गोसदन के निर्माण के लिए बजट राशि नहीं होने से किसान निराश हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रत्येक पंचायत में गोसदन बनाने की योजना तैयार की थी। इसमें पंचायतों में भूमि का चयन करने के निर्देश दिए थे। बड़सर में 48 पंचायतों में से कई पंचायतों ने भूमि का चयन कर लिया है। इसके बाद कोई काईवाई नहीं हो पाई है। पंचायत बड़सर, बल्याह, ग्यारह ग्रां, उसनाड़, झंझयाणी, घंघोट, क्याराबाग, बणी, ननावां, भकरेड़ी से परेशान हैं। किसानों में लेख राम, देश राज, देव राज, करतार सिंह, हाकम सिंह, राकेश कुमार, संजीव सिंह, भाग सिंह, पिरथी सिंह, हंसराज, केशव दत्त, हरिचंद, चंद्र स्वरूप, कमलजीत, मनोज कुमार, राजेंद्र कुमार, सुरेश कुमार का कहना है कि आवारा पशु उनकी फसलों को तबाह कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंहगे बीज, खादी, बुआई, कटाई आदि पर काफी खर्च हो रहा है। बल्याह पंचायत वीना शर्मा, उपप्रधान प्रवीण शर्मा का कहना है कि सरकार की पंचायत में पशुशाला बनाने की योजना भी सफल नहीं हो पाई है। उसनाड़ पंचायत प्रधान लीला देवी का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार गोशालाओं को निर्माण नहीं कर पाई है।
एसडीएम बड़सर धनवीर ठाकुर का कहना है कि अधिकतर पंचायतों में गोसदन के लिए भूमि का इंतकाल करवा दिया गया है। गोसदन निर्माण के लिए जिला पंचायत के माध्यम से फंड उपलब्ध हो पाएगा।
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बड़सर (हमीरपुर)। पंचायतों में गोसदन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। बड़सर के किसानों की फसलें आवारा पशुओं से बर्बाद हो रही हैं। कई पंचायतों में गोसदन निर्माण के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। गोसदन के निर्माण के लिए बजट राशि नहीं होने से किसान निराश हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रत्येक पंचायत में गोसदन बनाने की योजना तैयार की थी। इसमें पंचायतों में भूमि का चयन करने के निर्देश दिए थे। बड़सर में 48 पंचायतों में से कई पंचायतों ने भूमि का चयन कर लिया है। इसके बाद कोई काईवाई नहीं हो पाई है। पंचायत बड़सर, बल्याह, ग्यारह ग्रां, उसनाड़, झंझयाणी, घंघोट, क्याराबाग, बणी, ननावां, भकरेड़ी से परेशान हैं। किसानों में लेख राम, देश राज, देव राज, करतार सिंह, हाकम सिंह, राकेश कुमार, संजीव सिंह, भाग सिंह, पिरथी सिंह, हंसराज, केशव दत्त, हरिचंद, चंद्र स्वरूप, कमलजीत, मनोज कुमार, राजेंद्र कुमार, सुरेश कुमार का कहना है कि आवारा पशु उनकी फसलों को तबाह कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंहगे बीज, खादी, बुआई, कटाई आदि पर काफी खर्च हो रहा है। बल्याह पंचायत वीना शर्मा, उपप्रधान प्रवीण शर्मा का कहना है कि सरकार की पंचायत में पशुशाला बनाने की योजना भी सफल नहीं हो पाई है। उसनाड़ पंचायत प्रधान लीला देवी का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार गोशालाओं को निर्माण नहीं कर पाई है।
एसडीएम बड़सर धनवीर ठाकुर का कहना है कि अधिकतर पंचायतों में गोसदन के लिए भूमि का इंतकाल करवा दिया गया है। गोसदन निर्माण के लिए जिला पंचायत के माध्यम से फंड उपलब्ध हो पाएगा।
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