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टिप्पर स्कूल में टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ का टोटा
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। रावमापा टिप्पर में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी चल रही है। स्कूल में शास्त्री, भाषा अध्यापक, लिपिक और लैब सहायक के पद चार साल से खाली चल रहे हैं। स्कूल में खाली पदों के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने स्कूल में रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है। स्कूल में 250 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें एक कक्षा में 20 से 25 बच्चे होते हैं लेकिन स्कूल में पिछले चार सालों से शास्त्री और भाषा अध्यापक के पद रिक्त हैं। नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों में लैब तकनीशियन के दो और लिपिक के दो पद खाली हैं। स्कूल में लैब का जिम्मा एकमात्र लैब तकनीशियन को सौंपा है। लिपिकीय कार्य संभालने के लिए एक अधीक्षक कार्यरत हैं। अभिभावकों में एसएमसी अध्यक्ष जगदीश चंद, विपिन कुमार, अशोक कुमार, पवन कुमार तथा संजय कुमार ने स्कूल में टीचिंग एवं नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों को भरने की मांग उठाई है। शिक्षा उपनिदेशक रवित कटोच का कहना है कि स्कूलों में रिक्त पदों के बारे में शिक्षा निदेशालय को बता दिया है। उन्होंने रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया है।
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बड़सर (हमीरपुर)। रावमापा टिप्पर में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी चल रही है। स्कूल में शास्त्री, भाषा अध्यापक, लिपिक और लैब सहायक के पद चार साल से खाली चल रहे हैं। स्कूल में खाली पदों के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने स्कूल में रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है। स्कूल में 250 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें एक कक्षा में 20 से 25 बच्चे होते हैं लेकिन स्कूल में पिछले चार सालों से शास्त्री और भाषा अध्यापक के पद रिक्त हैं। नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों में लैब तकनीशियन के दो और लिपिक के दो पद खाली हैं। स्कूल में लैब का जिम्मा एकमात्र लैब तकनीशियन को सौंपा है। लिपिकीय कार्य संभालने के लिए एक अधीक्षक कार्यरत हैं। अभिभावकों में एसएमसी अध्यक्ष जगदीश चंद, विपिन कुमार, अशोक कुमार, पवन कुमार तथा संजय कुमार ने स्कूल में टीचिंग एवं नॉन टीचिंग स्टाफ के पदों को भरने की मांग उठाई है। शिक्षा उपनिदेशक रवित कटोच का कहना है कि स्कूलों में रिक्त पदों के बारे में शिक्षा निदेशालय को बता दिया है। उन्होंने रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया है।