फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   26 voters from Hindu-Muslim families in a 600 sq ft house

Hamirpur News: 600 वर्ग फीट के मकान में हिंदू-मुस्लिम परिवार के 26 मतदाता

Sat, 17 Jan 2026 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Sat, 17 Jan 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
26 voters from Hindu-Muslim families in a 600 sq ft house
हमीरपुर। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद जारी की गई कच्ची मतदाता सूची देख मतदाता हैरान हैं। गृहस्वामी को पता ही नहीं है और उनके मकान से दूसरों के वोट बने हुए है। पड़ोसियों के अलावा दूर दराज के उन लोगों के नाम भी दर्ज है जिन्हें वह पहचानते तक नहीं हैं। शहर के मुहल्ला पुराना बेतवा घाट में रमजानी बाबू के 600 वर्ग फीट के मकान में तो हिंदू - मुस्लिम परिवारों के 26 मतदाता दर्ज है।
विज्ञापन

शहर के मुहल्ला पुराना बेतवा घाट भाग संख्या 116 में मकान नंबर 39 है। इस मकान के मालिक रमजानी बाबू पुत्र मुन्नी है। इनका मकान तकरीबन 600 वर्ग फीट का है। परिवार समेत पड़ोसी मुहम्मद रमजान पुत्र मैकू और उनकी पत्नी आमना बेगम और पुत्र मुहम्मद अल्ताफ समेत 26 मतदाताओं के नाम दर्ज है। हिंदू वर्ग की कमला देवी, अंकित सोनकर, रेनू पत्नी उमेश, रेखा, रंजीत, सुरेंद्र, गीता देवी, उमेश मतदाता है। मुस्लिम वर्ग के बसीर, मीना, अजीज, मुबीना, आमना, राजमुहम्मद, यासीन अहमद, शमशाद, अहमद, सबाना, शानू, समीर, शाहजहां, मदीना, शाहीन रूबीना मतदाता है।
विज्ञापन

रमजानी बाबू को इसकी भनक ही नहीं है कि उनके मकान से परिवार समेत पड़ोसियों के भी वोट बने है। यहां से एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि एसआईआर में सबकुछ दुरुस्त नहीं है। बहुत तो ऐसे मतदाता है उनका मकान तो है लेकिन मतदाता वह किसी दूसरे के मकान से दर्शाए गए। विश्वकर्मा, सोनी और शिवहरे परिवार के वोट एक साथ बने हुए है। हालांकि अभी सुधार की गुंजाइश है लेकिन कच्ची मतदाता सूची को लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया है। मतदाता सूची देखने के लिए बूथ पर बीएलओ के पास रखी गई है लेकिन मतदाताओं में जागरूकता की कमी दिखाई दे रही है। यही वजह है कि बीएलओ के पास आम मतदाता अपना नाम देखने के लिए नहीं पहुंच रहे है। नाम संशोधन और नए मतदाता बनने के लिए सबसे अधिक फार्म भरे जा रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन





केस 1

मकान नंबर 18 में शिवहरे, विश्वकर्मा, गुप्ता व मुस्लिम वोटर

हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के सुमेरपुर में भी एसआईआर की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। भाग संख्या 179 में कई मकान ऐसे है जिसमें विभिन्न जातियों के वोट एक साथ बने हुए है। मकान नंबर 18 में कुल 22 मतदाता हैं। यहां पर लक्ष्मी शिवहरे वोटर है तो इसी मकान में साहिबा परवीन का भी वोट बना हुआ है, इतना ही नहीं रोहित विश्वकर्मा आयुष शिवहरे, आकर्ष गुप्ता भी मतदाता दर्शाए गए है। मकान नंबर 24 में पिंकी सोनी और फरीदा खातून का वोट बना हुआ है। मकान नंबर 16 में क्रम संख्या 219 पर प्रहलाद विश्वकर्मा, क्रम संख्या 221 पर शिवम शिवहरे और 222 पर शिवानी साहू का नाम दर्ज है।




केस 2

शहनाज के घर आकांक्षा मतदाता
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के कुरारा नगर क्षेत्र में भी एसआईआर सवालों के घेरे में है। भाग संख्या 57 के मुहल्ला मटेहना में भी खामियां है। मकान नंबर 20 के क्रम संख्या 74 पर शहनाज पत्नी पीरबख्श वोटर है, इसी मकान में क्रम संख्या 80 में आकांक्षा पत्नी चंद्रशेखर का वोट बना है। मकान नंबर 30 में क्रम संख्या पर गंगाराम का नाम दर्ज है, वहीं क्रम संख्या 153 पर पीर मुहम्मद मतदाता बने हैं। मकान नंबर दो में राजेंद्र प्रसाद यादव के मकान से शबनूर पत्नी शान रईस मतदाता है। इसी प्रकार मकान नंबर 14 में रजनी के घर शमां मतदाता हैं। दोनों ही महिलाओं के पति मकान नंबर 14 ग में बलबीर व चांद मोहम्मद के नाम से दर्ज है।




केस 3

निशी सचान व अर्शी निजामी का वोट एक ही मकान में

शहर के मुहल्ला पुराना बेतवा घाट भाग संख्या 116 के मकान नंबर 37 में 30 मतदाता दर्ज हैं। हिंदू समाज की निशी सचान और मुस्लिम समाज की अर्शी निजामी का वोट भी उक्त मकान से बना हुआ है। मकान नंबर 38 में कुल 16 वोट है, इसमें 11 मुस्लिम व पांच हिंदू है। नसीर के मकान में उनके परिवार के अलावा सोहन का भी नाम दर्ज है। मुनीर, अंजुम, नौशाद, इरशाद, कबीर, फरीदा, कमरजहां, सगीर, नसीर, ईशाक के वोट बने हुए है। वहीं अर्चना, राममिलन, मिथलेश, संतोष, शिवकुमारी वोटर हैं। मकान संख्या 40 में निधि साहू वोटर है तो नीलम सोनकर का भी वोट है। दोनों ही अलग वर्ग की है लेकिन मतदाता सूची में एक ही जगह से मतदाता दर्शाई गईं।



पता ही नहीं पड़ोसी के घर से कैसे बना वोट
शहर के मुहल्ला पुराना बेतवा घाट निवासी मुहम्मद रमजानी पुत्र मैकू का कहना है कि उन्हें तो पता ही नहीं कि पड़ोसी रमजानी बाबू के मकान से उनका, उनकी पत्नी आमना बेगम और बेटे अल्ताफ का वोट कैसे बन गया। हम पड़ोसी है लेकिन हमारे घर अलग-अलग है। गणना फार्म भी भरे थे और जो साक्ष्य मांगे गए थे वह भी बीएलओ को दिए थे, लेकिन उनका नाम दूसरे मकान से कैसे बन गया यह पता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed