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स्टोर से चौकीदार गैरहाजिर, आईपीएच की पाइपें चोरी
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। पुलिस थाना सदर के अंतर्गत डिडवीं टिक्कर में स्थित आईपीएच विभाग के स्टोर से चोरी हुई पेयजल पाइपों में विभागीय लापरवाही भी सामने आई है। वारदात के समय चौकीदार स्टोर से गैरहाजिर था, वहीं स्टोर में सीसीटीवी तक नहीं लगाया गया हुआ है। स्टोर में चौकीदार को विभाग ने आउटसोर्स तैनात किया है। इतना ही नहीं भारी भरकम पेयजल पाइपें, जो सामान्य ट्रकों में लोड तक नहीं होती है, अचानक कैसे चोरी हो गईं, पुलिस के लिए भी पहेली बन गया है। ऐसे में सीधे-सीधे आईपीएच विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
आईपीएच विभाग ने स्टोर में करीब 700 पेयजल पाइपें स्टोर की थी। पाइपों की कीमत करीब पांच से छह लाख रुपये है। प्रत्येक पाइप की लंबाई करीब 20 फीट है। प्रत्येक पेयजल पाइप पर एक मीटर के बाद आईपीएच सप्लाई की ग्रूविंग है। पाइपों को साधारण ट्रकों में लोड नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विशेष ट्रकों की आवश्यकता होती है। यहां तक कि पाइपों को ट्रक में लोड करने के लिए मशीन का प्रयोग करना पड़ता है। ऐसे में पेयजल पाइपें एकाएक कैसे चोरी हो गईं और इतना समय चौकीदार कहां रहा। इससे आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं विभाग स्टोर को ऑपरेशनल स्टोर न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है। उधर, थाना प्रभारी कुलदीप कुमार का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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हमीरपुर। पुलिस थाना सदर के अंतर्गत डिडवीं टिक्कर में स्थित आईपीएच विभाग के स्टोर से चोरी हुई पेयजल पाइपों में विभागीय लापरवाही भी सामने आई है। वारदात के समय चौकीदार स्टोर से गैरहाजिर था, वहीं स्टोर में सीसीटीवी तक नहीं लगाया गया हुआ है। स्टोर में चौकीदार को विभाग ने आउटसोर्स तैनात किया है। इतना ही नहीं भारी भरकम पेयजल पाइपें, जो सामान्य ट्रकों में लोड तक नहीं होती है, अचानक कैसे चोरी हो गईं, पुलिस के लिए भी पहेली बन गया है। ऐसे में सीधे-सीधे आईपीएच विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
आईपीएच विभाग ने स्टोर में करीब 700 पेयजल पाइपें स्टोर की थी। पाइपों की कीमत करीब पांच से छह लाख रुपये है। प्रत्येक पाइप की लंबाई करीब 20 फीट है। प्रत्येक पेयजल पाइप पर एक मीटर के बाद आईपीएच सप्लाई की ग्रूविंग है। पाइपों को साधारण ट्रकों में लोड नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विशेष ट्रकों की आवश्यकता होती है। यहां तक कि पाइपों को ट्रक में लोड करने के लिए मशीन का प्रयोग करना पड़ता है। ऐसे में पेयजल पाइपें एकाएक कैसे चोरी हो गईं और इतना समय चौकीदार कहां रहा। इससे आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं विभाग स्टोर को ऑपरेशनल स्टोर न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है। उधर, थाना प्रभारी कुलदीप कुमार का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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