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Hamirpur News: गैर इरादतन हत्या के दोषी को 10 वर्ष की कैद
Sat, 14 Feb 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:15 AM IST
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हमीरपुर। गैर इरादतन हत्या के 35 माह पुराने मामले में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी राकेश कुमार उर्फ भाऊ को 10 वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 6,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के कस्बा इमिलिया थोक निवासी पीड़िता भाई रामकिशन वर्मा ने 19 मार्च 2022 को तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि 18 मार्च को उसका भाई कालका प्रसाद अपनी दुकान पर मौजूद था। रात 10 बजे दुकान में गांव का ही दोषी राकेश कुमार आया और एकदम से वह उसके भाई को गाली देने लगा। उसके मना किया तो उक्त ने उसे मारा-पीटा है और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया है। सुबह उसकी भतीजी छोटी ने पीआरवी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसके भाई को पीएचसी सुमेरपुर में उपचार के लिए भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे कानपुर हैलट के लिए रेफर कर दिया गया है। यहां उपचार के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है।
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सुमेरपुर थानाक्षेत्र के कस्बा इमिलिया थोक निवासी पीड़िता भाई रामकिशन वर्मा ने 19 मार्च 2022 को तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि 18 मार्च को उसका भाई कालका प्रसाद अपनी दुकान पर मौजूद था। रात 10 बजे दुकान में गांव का ही दोषी राकेश कुमार आया और एकदम से वह उसके भाई को गाली देने लगा। उसके मना किया तो उक्त ने उसे मारा-पीटा है और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया है। सुबह उसकी भतीजी छोटी ने पीआरवी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसके भाई को पीएचसी सुमेरपुर में उपचार के लिए भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे कानपुर हैलट के लिए रेफर कर दिया गया है। यहां उपचार के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है।
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