{"_id":"570a92764f1c1bd768c810f8","slug":"wheat-corp-burn-due-to-electric-wire","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली का तार टूटने से पांच एकड़ गेहूं राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली का तार टूटने से पांच एकड़ गेहूं राख
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
खेत में जलती गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तकिया मेदनापुर गांव के पास रविवार को टूटकर गिरे बिजली के तार से लगी आग से करीब पांच एकड़ गेहूं जलकर राख हो गई। इससे गुस्साए किसानों ने जमकर हंगामा मचाया आैर खेतों में खड़े बिजली के खंभे तोड़कर गिरा दिए। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारी किसानों के नुकसान को मामूली बता रहे हैं।
कुसुम्ही क्षेत्र में स्थापित जायसवाल रबर इंडस्ट्री सहित अन्य कई फैक्ट्रियों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति मोतीराम अड्डा सब स्टेशन से होती है। जिधर से फैक्ट्रियों के लिए लाइन गई है उधर किसानों के खेत भी हैं। रविवार को बिजली का तार टूटकर गिरने से करीब पांच एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इससे गुस्साए किसानाें ने खेत में खड़े बिजली के एक दर्जन खंभे तोड़कर गिरा दिए।
कुसम्ही क्षेत्र में फैक्ट्रियों के लिए जिधर से लाइन गई है वहां गर्मी के सीजन में हर साल तार टूटकर गिरने से किसानों की फसल जल जाती है। रविवार को दिन में 12 बजे के करीब तकिया मेंदनापुर गांव के पास तार टूटकर गिर गया। इससे खेतों में आग लग गई। जब तक किसान आग पर काबू पाते, तब तक लगभग पांच एकड़ फसल जलकर खाक हो गई। आग की खबर पाकर भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
गुस्साए ग्रामीणों ने खेतों में खड़े बिजली के खंभों को तोड़ना शुरू कर दिया। करीब एक दर्जन खंभों को उन्होंने ध्वस्त कर दिया। किसानों का उग्र रूप देखकर मौके पर न तो बिजली विभाग का कोई अधिकारी पहुंचा और नहीं कोई प्रशासनिक अफसर।
जिन किसानाें की फसल जली, उनमें अधिकतर मेदनीपुर और तकिया के रहने वाले किसान हैं। कुसुम्ही के अरुण कुमार की भी फसल जल गई है। किसानों का कहना है कि न्यायालय का निर्देश है कि गर्मी के दिनों में बिजली की आपूर्ति न की जाए, बावजूद इसके सप्लाई होती रही। इसका खामियाजा हम किसानों को भुगतना पड़ा। बिजली विभाग के लोग हर साल आग लगने पर मुआवजा देने की बात कहते हैं, पर अब तक किसी को नहीं दिया गया।
तकिया मेदनापुर में तार से निकली चिन्गारी से आग लगी थी। किसानों को बहुत मामूली नुकसान हुआ, मगर योजनाबद्ध तरीके से लोगों ने बिजली के खंभे तोड़ दिए। इसकी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पिपराइच थाने में तहरीर दे दी गई है। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लाइन ठीक नहीं होगी।
- महेंद्र मिश्रा, एसडीओ, बिजली विभाग
विज्ञापन
कुसुम्ही क्षेत्र में स्थापित जायसवाल रबर इंडस्ट्री सहित अन्य कई फैक्ट्रियों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति मोतीराम अड्डा सब स्टेशन से होती है। जिधर से फैक्ट्रियों के लिए लाइन गई है उधर किसानों के खेत भी हैं। रविवार को बिजली का तार टूटकर गिरने से करीब पांच एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इससे गुस्साए किसानाें ने खेत में खड़े बिजली के एक दर्जन खंभे तोड़कर गिरा दिए।
विज्ञापन
कुसम्ही क्षेत्र में फैक्ट्रियों के लिए जिधर से लाइन गई है वहां गर्मी के सीजन में हर साल तार टूटकर गिरने से किसानों की फसल जल जाती है। रविवार को दिन में 12 बजे के करीब तकिया मेंदनापुर गांव के पास तार टूटकर गिर गया। इससे खेतों में आग लग गई। जब तक किसान आग पर काबू पाते, तब तक लगभग पांच एकड़ फसल जलकर खाक हो गई। आग की खबर पाकर भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
गुस्साए ग्रामीणों ने खेतों में खड़े बिजली के खंभों को तोड़ना शुरू कर दिया। करीब एक दर्जन खंभों को उन्होंने ध्वस्त कर दिया। किसानों का उग्र रूप देखकर मौके पर न तो बिजली विभाग का कोई अधिकारी पहुंचा और नहीं कोई प्रशासनिक अफसर।
जिन किसानाें की फसल जली, उनमें अधिकतर मेदनीपुर और तकिया के रहने वाले किसान हैं। कुसुम्ही के अरुण कुमार की भी फसल जल गई है। किसानों का कहना है कि न्यायालय का निर्देश है कि गर्मी के दिनों में बिजली की आपूर्ति न की जाए, बावजूद इसके सप्लाई होती रही। इसका खामियाजा हम किसानों को भुगतना पड़ा। बिजली विभाग के लोग हर साल आग लगने पर मुआवजा देने की बात कहते हैं, पर अब तक किसी को नहीं दिया गया।
तकिया मेदनापुर में तार से निकली चिन्गारी से आग लगी थी। किसानों को बहुत मामूली नुकसान हुआ, मगर योजनाबद्ध तरीके से लोगों ने बिजली के खंभे तोड़ दिए। इसकी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पिपराइच थाने में तहरीर दे दी गई है। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लाइन ठीक नहीं होगी।
- महेंद्र मिश्रा, एसडीओ, बिजली विभाग